(फोटो संख्या 28 ) शरद तिवारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसीइ
इटावा। समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यरत युवाओं का संगठन एक साथ कई भूमिका अदा कर रहा है। जरूरत में बीमार को खून उपलब्ध कराना हो या किसी असहाय बुजुर्ग की सेवा, संगठन के युवा कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इतना ही नहीं संगठन के कार्यकर्ता लावारिस मिले शवों का अंतिम संस्कार भी करते हैं। फिर चाहे शव हिंदू का हो या मुसिलम का। उनके धर्म के अनुसार विधि विधान से अंतिम संस्कार करते हैं।
रक्तदाता समूह के सदस्य अब तक 131 लावारिश शवों का अंतिम संस्कार कर चुके है। औसतन हर महीने 13 शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है। रक्तदाता समूह के संचालक शरद तिवारी व दीपक तोमर ने बताया कि उनकी टीम जरूरतमंदों को निशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के अलावा असहायों व बीमारों की उपचार दिलाने के अलावा निशुल्क भोजन वितरण करा रहे हैं।
साथ ही निराश्रित बच्चों को शिक्षा दिलाने जैसा सामाजिक कार्य करते आ रहे हैं। रक्तदाता समूह में 12 से अधिक युवा शामिल हैं। सभी सक्रिय होकर अपना काम करते आ रहे हैं। टीम का दायरा इटावा से लेकर औरैया जनपद तक है। लावारिश शवों के बारे में बताया कि अज्ञात शव मिलने के 72 घंटे बीतने के बाद भी पहचान नहीं होने पर संबंधित थानों की पुलिस की मौजूदगी में धर्म के अनुसार विधि विधान से अंतिम संस्कार करते हैं।
शरद तिवारी ने बताया कि पांच अगस्त 2022 को पहले अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कराने के बाद से यह सिलसिला लगातार जारी है। 10 महीने के अंदर 131 लावारिश शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। इनमें 71 पुरुष, 37 महिलाएं, 16 बच्चे व सात मुस्लिम शामिल हैं। इनमें इटावा व औरैया दोनों जनपदों में मिले अज्ञात शव शामिल हैं।
बताया कि जुलाई में अज्ञात शवों को ले जाने के लिए एक शव वाहन खरीदने जा रहे हैं। जिससे श्मशान घाट तक शव ले जाने में किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। रक्तदाता समूह में अमित भदौरिया, सौरभ परिहार, देवेश चौहान आदि सदस्य शामिल हैं।