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इटावा: यमुना में घट रहीं मछलियों की संख्या

Sun, 12 Feb 2023 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। यमुना नदी में मछलियों की संख्या तेजी से घट रही है। तीन प्रजाति की मछलियां की संख्या सबसे ज्यादा कम हुई है। हाल यह है कि जिस खंड से कभी 70 क्विंटल तक मछली रोजाना निकलती थी, वहां से अब करीब 20 क्विंटल ही निकल रही हैं। मछलियों की संख्या कम होने के कारण जिले के चारों खंडों का ठेका भी नहीं उठ पा रहा है। सहायक निदेशक मत्स्य ने तकनीकी टीम से जांच कराने के लिए निदेशक को पत्र भेजा है।
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अफसरों का कहना है कि कम बारिश होने और मथुरा रिफाइनरी का पानी यमुना में आने के कारण मछलियों की संख्या कम हुई है।
वर्ष 2020-21 तक यमुना में कबई प्रजाति की मछली बहुतायात में पाई जाती थी। जो मछलियां निकाली जाती थीं उनमें करीब 70 फीसदी हिस्सा इसी प्रजाति का होता था। इसके अलावा डिगार और पत्थरचटा प्रजाति की मछलियां भी अच्छी तादाद में थीं। रोजाना करीब 70 क्विंटल मछली का शिकार एक खंड से होता था। यहां से सिलीगुड़ी, दिल्ली, बंगाल, मुंबई के साथ ही कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर मछलियां जा रही थीं।
सहायक मत्स्य अधिकारी हिमांशु यादव ने बताया कि 2020 तक मछलियां अच्छी तादाद में निकल रही थीं। लेकिन इसके बाद इनकी संख्या तेजी से घटी है। मछलियां कम होने के कारण ही चारों खंडों का ठेका भी इस साल नहीं उठ पाया है। जबकि तीन बार इसके लिए टेंडर जारी किए गए। सहायक मत्स्य अधिकारी ने बताया कि कम बारिश होना इसके पीछे बड़ी वजह बनकर सामने आया है। इसके अलावा मथुरा रिफाइनरी से केमिकलयुक्त पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है। इससे भी मछलियों को नुकसान हो रहा है। सहायक निदेशक मत्स्य ने निदेशक को पत्र लिखकर तकनीकी टीम गठित कराकर जांच कराने की मांग भी उठाई है।
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मछली व्यापारी और जानकार ओमरतन कश्यप के मुताबिक, जब ज्यादा बारिश होती है तो यमुना नदी खेत-खलियान के पानी से लबालब हो जाती है। यह पानी साफ तो नहीं होता है लेकिन मिट्टी घुली होने से इसकी सुगंध मछलियों को आकर्षित करती है। जब बारिश का पानी नदी में आता है तो यह तेजी से आगे बढ़ती हैं और अंडे देती हैं। एक जून से लेकर 31 जुलाई तक मछलियों के शिकार पर प्रतिबंध भी रहता है। इससे इनकी संख्या तेजी से बढ़ती है। लेकिन कुछ सालों से बारिश में कमी आई है। जुलाई, अगस्त की जगह बारिश सितंबर और अक्तूबर में हो रही है। मछलियों के प्रजनन के समय बारिश न होने से समस्या है।
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