इटावा। अंग्रेजों के जमाने की नगर पंचायत इकदिल में पहली बार महिला चेयरमैन कुर्सी संभालेंगी। वहीं इस बार 10 की जगह 14 वार्डों के प्रत्याशी वोट देंगे।
जिले में सदर, जसवंतनगर और भरथना समेत तीन नगर पालिका परिषद और बकेवर, लखना और इकदिल नगर पंचायतें हैं। इकदिल को सबसे प्राचीन नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त है। इकदिल नगर पंचायत का गठन एक जुलाई 1916 को अंग्रेजी हुकूमत में हुआ था। 1917 में नगर पंचायत इकदिल के पहले अध्यक्ष गुरु प्रसाद सक्सेना बने थे।
नगर पंचायत अधिनियम एक्ट बनाया गया था। इसके तहत पांच हजार की आबादी वाले ग्राम को नगर पंचायत का दर्जा मिला था। क्षेत्रफल के आधार पर इकदिल में 10 वार्ड बनाए गए थे। 2017 तक यहां 10 सभासद थे। 2022 में इस पंचायत की आबादी बढ़ने पर परिसीमन कर दायरा बढ़ाया गया। बढ़पुरा की दो ग्राम पंचायतों को शामिल करके चार नए वार्ड बनाए गए। पहली बार यहां 14 वार्डों के 14,189 मतदाता वोट करके 14 सभासद चुनेंगे। वहीं पहली बार एससी महिला शक्ति के हाथ में नपं की डोर आएगी।
यह है स्थिति
वर्तमान में इकदिल नगर पंचायत की आबादी 14,189 है। इसमें सर्वाधिक जनसंख्या अन्य पिछड़ा वर्ग की करीब सात हजार है। वहीं पांच हजार की आबादी अनुसूचित जाति की है। तीन हजार सामान्य वर्ग के लोग हैं।
ज्यादातर निर्दलीयों को मिली जीत
इकदिल नगर पंचायत में अभी तक सबसे ज्यादा निर्दलीय प्रत्याशियों पर ही भरोसा जताया गया है। इस बार भी सपा और भाजपा जैसी दिग्गज पार्टियों से लड़ने की जगह लोग निर्दलीय खड़े होने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। 20 साल बाद 2017 में सीट सामान्य होने पर सामान्य वर्ग के सौरभ दीक्षित चेयरमैन बने थे।