इटावा। अप्रैल से बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के वाहन चलाना भारी पड़ सकता है। विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इससे बचने के लिए 31 मार्च तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने वाले कार्रवाई की जद में आएंगे।
इस समय जिले में लगभग ढाई लाख वाहन बिना सिक्योरिटी नंबर प्लेट के फर्राटा भर रहे हैं। सरकार ने चार साल पहले वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद दो साल तक कोविड काल होने के कारण परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को छूट दे दी थी, लेकिन हालात सामान्य होने के बाद भी लोग हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
जिले में करीब तीन लाख 82 हजार छोटे वाहन हैं। इनमें बाइक और कार शामिल हैं। अभी तक इनमें से एक लाख 39 हजार वाहन संचालकों ने ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाई हैं। वहीं, 12,141 व्यवसायिक वाहन जिले में पंजीकृत हैं। इनमें से 6,885 वाहनों में ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी है, जबकि 5256 वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के दौड़ रहे हैं। अब ऐसे वाहनों पर एक अप्रैल से कार्रवाई की जाएगी। मार्च तक जो लोग नंबर प्लेट लगवा लेंगे वह बच जाएंगे। अन्यथा सभी पर विशेष अभियान चलाकर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
बाेलते आंकड़े
निजी वाहन: 3,82,465
बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के निजी वाहन: 2,43,362
व्यवसायिक वाहन: 12,141
बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के व्यवसायिक वाहन: 5,256
इस प्रकार लगवाएं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
वाहनों पर एचएसआरपी लगवाने के लिए विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा। इसमें वाहन स्वामी को पूरा नाम और पता भरना होगा। इसके बाद दो पहिया, चार पहिया या अन्य वाहन की श्रेणी को चुनना होगा। फिर वाहन कंपनी के डीलर को चुने। चेसिस नंबर और पंजीयन नंबर फीड करें। आरसी और आईडी अपलोड करने पर ओटीपी मिलेगी। टाइम स्लॉट चुनें व ऑनलाइन भुगतान करें। इसके बाद नंबर प्लेट लगाने का समय मिलने का मैसेज प्राप्त होने पर उसी दिन निर्धारित स्थान पर जागर नंबर प्लेट लगवा सकते हैं।
बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश प्राप्त हुए हैं। ढाई लाख से अधिक वाहनों में अभी तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है। एक अप्रैल से ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर जुर्माना वसूला जाएगा। 31 मार्च तक लोगों को राहत दी जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
- बृजेश कुमार, एआरटीओ