इटावा। आसपास के जनपदों में मिले कोरोना संक्रमितों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कुछ दिनों से कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। इन्हें खांसी, बुखार और जुकाम के साथ गले में खराश की शिकायत है। ऐसे आठ मरीजों को डॉक्टर ने कोरोना की जांच लिखी है।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1075 मरीज आए। इनमें खांसी, बुखार और जुकाम के 400 से अधिक मरीज आए। डॉ. शांतनु निगम, डॉ. प्रशांत यादव व डॉ.एकता ने मरीज देखे। डॉ. शांतनु ने बताया कि जिन मरीजों को लंबे समय से खांसी, बुखार आ रहा है या सांस फूलने की समस्या है तो उन्हें कोरोना की जांच लिख रहे हैं। हालांकि अभी किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। लोग कोरोना गाइड लाइन का पालन हर हाल में करें। मास्क लगाएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
ये हैं लक्षण
जुबान का स्वाद बदलना, खांसी आना, सांस फूलदा, कमजोरी आना, सप्ताह भर से तेज बुखार, सुबह- शाम बुखार आना, निमोनिया होना कोरोना के लक्षण हैं।
बच्चों में भी बढ़ रही समस्या
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि उनके पास रोजाना 50 से 60 बच्चे खांसी और बुखार पीड़ित आ रहे हैं। नगला जगे से आए पांच वर्षीय बालक संस्कार को करीब सप्ताह भर से बुखार आ रहा है। मौसम में आ रहे बदलाव की वजह से बच्चे बुखार और खांसी से ग्रसित हो रहे हैं।
मरीजों ने बताई समस्या
नौरंगाबाद से आईं दीक्षा ने बताया कि कई दिन से बुखार आ रहा है। सर्दी भी लगती है। खांसी भी आ रही है। आराम नहीं मिलने पर जिला अस्पताल आए हैं। डॉक्टर ने पांच दिन की दवा लिखी है।
स्टेशन रोड निवासी आबिद ने बताया कि सिर में दर्द रहता है। पेशाब में भी जलन होती है। कमजोरी होने की वजह से चक्कर आते हैं। डॉक्टर ने जन औषधि केंद्र से दवा लेने के लिए लिखा है।
रोजाना हो रहीं 400 जांचें
कोरोना के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. बीएल संजय ने बताया कि जनपद में एक भी कोरोना का मरीज नहीं मिला है। इसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है। 25 टीमें कोरोना की जांच कर रही हैं। सभी सीएचसी में एंटीजेन जांच हो रही है। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच हो रही है। रोजाना 400 जांचें हो रही हैं। सैंपल सैफई भेजे जाते हैं। बताया कि 11 व 12 अप्रैल को 100 शैया महिला विंग में कोरोना की तैयारियों को लेकर मॉकड्रिल की जाएगी।