बसरेहर। दो माह बीतने के बावजूद खाते में मुआवजा राशि न पहुंचने का आरोप लगा बुधवार को किसानों ने इटावा-बरेली मार्ग पर चल रहे हाईवे के काम को रुकवा दिया। सूचना पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। किसानों ने कहा कि मुआवजा न मिलने तक काम नहीं करने देंगे।
कस्बा बसरेहर से निकलने वाले इटावा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है। बुधवार शाम करीब पांच बजे अकबरपुर गांव के 12 किसानों ने हाईवे पर काम रुकवा दिया। प्रदर्शन कर मुआवजा दिलाने की मांग की। किसान मोहर सिंह ने बताया कि उनकी लगभग दो बीघा जमीन का अधिग्रहण किया था।
इसका मुआवजा 4,60000 रुपये मिलना था, लेकिन वह खाली हाथ हैं। किसान मो. ईशाक, अर्जुन सिंह, मो. शमशुद्दीन के खेतों का भी हिस्सा गया है। दो माह बाद भी मुुआवजा नहीं आया।
अकबरपुर के प्रधान पुत्र जलदान सिंह ने बताया कि उनकी भी जमीन का एक बड़ा हिस्सा बाईपास में गया है। इसका करीब 60 लाख रुपये मुुआवजा मिलना है। सूचना पर कानूनगो इंद्रपाल सिंह, हाईवे के इंजीनियर विश्वास मिश्रा व शुभांकर सिंह मौके पर पहुंचे। तहसीलदार राजकुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। वह कोर्ट के काम से बाहर हैं। किसानों का मुआवजा जल्द दिलवाने का प्रयास किया जाएगा।