ताखा (इटावा)। आलू की लागत भी न निकलने से किसान परेशान हैं। हाल ये है कि दो किसानों ने परेशान होकर करीब दस बीघा खेत में फसल पर हल चलवा दिया। इससे फसल बर्बाद हो गई। उनका कहना है कि इससे अगली फसल की बुआई तो समय से कर सकेंगे।
मामला ताखा ब्लॉक क्षेत्र के भरतपुर खुर्द का है। यहां के दो किसानों विमलेश और आशाराम ने खेत में खड़ी आलू की फसल को जुतवा दिया। दरअसल बाजार में आलू के भाव काफी नीचे चल रहे। आलू को खोदवाने का खर्च भी नहीं निकल रहा। लिहाजा किसान खड़ी फसल को जोतने पर विवश हो रहे हैं।
विमलेश ने बताया कि उसने सात बीघा खेत में आलू की पैदावार की थी। इस पर करीब एक लाख रुपये लागत आई। बाजार में इन दिनों आलू का भाव 100 से 150 रुपये प्रति पैकट है। एक पैकेट पर करीब 100 रुपये खोदाई का खर्चा आ रहा। ऐसी सूरत में आलू को खोदने में नुकसान है। इसी वजह से उसने फसल को जोतवा दिया। इससे इतना फायदा होगा कि अगली फसल की बुआई समय पर हो सकेगी।
वहीं किसान आशाराम ने बताया कि उन्होंने तीन बीघा खेत में मौजूद आलू की फसल को जुतवाया है। पहले ही फसल में भारी नुकसान हो चुका है। तीन बीघा खेत में मय बीज के करीब 45 हजार रुपये लागत आई है। जबकि आलू बेचने पर इतनी रकम नहीं मिलती।
जिला उद्यान अधिकारी डा. सुनील कुमार ने कहा कि किसान सोच समझकर फैसला करें। फसल को जुतवाने से ज्यादा नुकसान होगा।