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Etawah News: बीमा कंपनी से परेशान, ठगा सा महसूस कर रहे किसान

Mon, 20 Mar 2023 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। फसल बीमा के नाम पर एक बार फिर किसान ठगा सा महसूस कर रहे हैं। खरीफ सीजन में फसलों को हुए नुकसान पर उन्हें मुआवजा देने की बारी आई तो बीमा कंपनी ने जैसे आंखें ही बंद कर लीं। 12,315 किसानों की फसलों का बीमा करके कंपनी ने प्रीमियम तो तीन करोड़ से भी ज्यादा वसूला लेकिन मुआवजा सिर्फ 958 किसानों को 72.54 लाख रुपये दिया गया। एक किसान से तो 2488 रुपये प्रीमियम लेकर उसे 553 रुपये ही दिए गए।
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पिछले साल सितंबर और अक्तूबर में हुई झमाझम बारिश और बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं। खरीफ सीजन में किसानों ने धान, बाजरा व मक्का की फसलें की थीं। आठों ब्लाॅक के 12,315 किसानों ने फसलों का बीमा यूनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से कराया। किसानों ने एक करोड़ 19 लाख 79 हजार 571 रुपये प्रीमियम दिया। जबकि राज्य सरकार की ओर से 92 लाख 52 हजार 804 रुपये और इतनी ही राशि केंद्र सरकार की ओर से प्रीमियम के तौर पर बीमा कंपनी को दी गई। कुल तीन करोड़ चार लाख 85 हजार 179 रुपये बीमा कंपनी ने वसूले।
बारिश और बाढ़ से जब किसानों की फसलें तबाह हुईं तो उन्होंने बीमा कंपनी का दरवाजा खटखटाया। सर्वे के बाद कंपनी ने सिर्फ 958 किसानों की फसलों को ही नुकसान होने की रिपोर्ट दी। अभी तक सिर्फ 160 किसानों को मुआवजे की रकम मिल पाई है। इनमें 34 किसान ऐसे हैं जिन्हें पांच हजार से भी कम का मुआवजा दिया गया है। आठ किसानों को दो हजार से भी कम भुगतान हुआ है।
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जसवंतनगर के गांव नगरातौर निवासी रामकिशुन ने बताया कि उन्होंने बाजरे की फसल की थी। राज्य और केंद्र का अंश मिलाकर कुल 2488 रुपये का प्रीमियम बीमा कंपनी को मिला था। अभी कुछ दिन पहले मुआवजा सिर्फ 553 रुपये मिला। फसल बीमा 30,834 रुपये का हुआ था।
नगलातौर गांव के ही अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने भी फसल बीमा कराया था। बाजरे की फसल बर्बाद हुई तो मुआवजा मांगा। बीमा कंपनी ने 961 रुपये प्रीमियम लेकर नुकसान की भरपाई के तौर पर सिर्फ 848 रुपये ही दिए। जबकि नुकसान हजारों में हुआ है।
चकरनगर के बहेलियापुर गांव निवासी श्रीकृष्ण ने बताया कि उन्होंने धान की फसल का बीमा कराया था। केंद्र व राज्य का अंश मिलाकर कुल 1598 रुपये प्रीमियम बीमा कंपनी ने लिया था। उन्हें 938 रुपये ही मुआवजा मिला। 50 हजार से ज्यादा का उन्हें नुकसान हुआ है।
नगलातौर के ही रामेंद्र ने बताया कि उनकी भी बाजरा की फसल बाढ़ और बारिश में तबाह हुई थी। 2109 रुपये प्रीमियम लेकर कंपनी ने 465 रुपये ही मुआवजा दिया। उन्हें उम्मीद थी कि फसल बीमा के जरिये नुकसान की भरपाई होगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। कंपनी ने ठग लिया।


इन्होंने भी बताई पीड़ाबढ़पुरा के किसान सत्यराम से बीमा कंपनी ने 13,460 रुपये का प्रीमियम लिया था। उन्होंने 3.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी फसल का बीमा कराया। कंपनी की ओर से 21,347 रुपये ही मुआवजा दिया गया। इसी तरह नगलातौर गांव के श्यामवीर ने 1903 रुपये मुआवजा दिया। इन्हें 3075 रुपये मुआवजा मिला। जबकि इन दोनों किसानों की आधी से ज्यादा फसल बर्बाद हो गई थी।

22 मार्च को खातों में पहुंचेगा मुआवजा
प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत जिन किसानों को अभी मुआवजा नहीं मिला है, उनके खातों में 22 मार्च को धनराशि पहुंचेगी। लखनऊ से कृषि मंत्री पोर्टल के जरिये लाभार्थियों के खातों में धनराशि भेजेंगे।
फसल के नुकसान की जानकारी किसानों को 72 घंटे के भीतर देनी होती है। यदि ऐसा नहीं होता है तो राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर क्रॉप कटिंग कराई जाती है और इसी आधार पर मुआवजे की रकम तय की जाती है। किसानों को हुए नुकसान के आधार पर ही मुआवजा तय किया गया है। कंपनी के जो नियम हैं, उसके आधार पर नुकसान का आकलन होता है।- प्रशांत शर्मा, जिला समन्वयक, यूनिवर्सल सोंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी।
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