इटावा। युद्धग्रस्त इस्रायल में क्षतिग्रस्त हुए स्मारकों व भवनों को सजाने व संवारने के लिए जिले के श्रमिक योगदान देंगे। अभी फिलहाल 25 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है। जिले से करीब 200 कुशल निर्माण श्रमिकों को इस्रायल भेजने का लक्ष्य है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अधीन कार्यरत एजेंसी इंटरनेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से श्रमिकों को इस्रायल भेजा जाएगा। इस्रायल के लिए आयरन वेंडिंग, सिरेमिक, टाइल्स एवं शटरिंग और कारपेंटर श्रमिकों को मौका मिलेगा।
जाने वाले श्रमिकों को बेसिक अंग्रेजी की जानकारी, बोलना एवं समझना जरूरी होगा। निर्माण की ड्राइंग को पढ़ना आना चाहिए। अब तक 25 श्रमिकों ने इच्छा जाहिर की है। अधिक से अधिक श्रमिकों को जोड़ने के लिए श्रम विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। श्रमिक अपनी इच्छानुसार आवेदन कर सकते है।
श्रमिकों के लिए जरूरी पात्रता
श्रमिक चार ट्रेड में से किसी एक में निपुण हो। उसके पास पासपोर्ट हो, अगर नहीं है तो आवेदन कर सकते हैं। एक बार में एक से पांच वर्ष तक सेवा देना अनिवार्य है। 21 से 45 वर्ष के बीच आयु सीमा हो। साथ ही कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए।
पगार कर रही श्रमिकों को आकर्षित
श्रमिकों को भरतीय मुद्रा में करीब 1,25,000 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। साथ ही श्रमिक को 15 हजार रुपये प्रतिमाह बोनस फंड के रूप में दिया जाएगा। जो कंपनी के खाते में जमा रहेगा और कार्य समाप्ति पर वापस होगा। श्रमिक को आने जाने का व्यय स्वयं वहन करना होगा।
वर्जन
चार श्रेणी के श्रमिकों को इस्रायल भेजे जाने के निर्देश आए है। हालांकि कितने श्रमिकों को जाना है यह कोई तय नहीं है। जो श्रमिक सहमति से जाएंगे उन्हें ही भेजा जाएगा। प्रचार-प्रसार के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।- श्वेता गर्ग, सहायक श्रमायुक्त