अपर आयुक्त राज्य कर विभाग लोकेश अग्रवाल को ज्ञापन देते व्यापारी। संवाद
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इटावा। अनाज, आटा, चावल, स्टेशनरी और कृषि से जुड़ी मशीनों पर जीएसटी लगाने के विरोध में सोमवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड वन लोकेश अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। इसमेें आवश्यक वस्तुओं से जीएसटी वापस लेने और शराब व पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में शामिल करने की मांग की गई है।
संगठन के जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित और महामंत्री आकाश दीप जैन ने कहा कि जीएसटी लगने से दाल, चना, गेहूं और अन्य आवश्यक वस्तुऐं महंगी हो जाएंगी। इसका बोझ 130 करोड़ जनता पर पड़ेगा। इस टैक्स का विपरीत असर कुटीर, घरेलू और लघु उद्योग पर भी पड़ेगा।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि अस्पताल के कमरे और चिकित्सा उपकरणों पर कर लगाने से चिकित्सा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। शिक्षा में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग व स्टेशनरी पर जीएसटी से बढ़ाई करना भी महंगा हो जाएगा। खेती इस्तेमाल होने वाली मशीनों व प्रमुख वस्तु पर लगा दिया गया है।
बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए जीएसटी की बढ़ी दरों को तत्काल वापस लिया जाए। ज्ञापन देने वालों में कामिल कुरैशी, प्रदीप आढ़तिया, पावेंद्र शर्मा, भारतेंद्र नाथ भारद्वाज, शहंशाह वारिसी, रफत अली खान, शीबू तौकीर, अनीता शर्मा, अशोक जाटव शामिल रहे।