बकेवर (इटावा)। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड लखनऊ जलशक्ति मंत्रालय के तत्वावधान में जनता कॉलेज बकेवर में गिरते भू जलस्तर को लेकर एक गोष्ठी हुई। वैज्ञानिकों ने भूजल संरक्षण के संबंध में लोगों से संवाद कर सुझाव दिए।
उप कृषि निदेशक आरएन सिंह ने कहा कि एक किलो धान उगाने में तीन हजार लीटर पानी खर्च होता है। जिस गांव के तालाब सुरक्षित होंगे उस जगह का भूजल हमेशा ही अच्छा रहेगा। वहां भूजल की कभी समस्या नहीं होगी। लोग पानी की महत्ता को समझें जल संचयन करें।
केंद्रीय भूमि जल बोर्ड लखनऊ जलशक्ति मंत्रालय की ओर से कार्यक्रम में वैज्ञानिक एवं तकनीकी सचिव एसके स्वरूप ने जनपद की भूजल की स्थिति के बारे में स्लाइड के जरिये लोगों को जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ करम सिंह ने भी जागरूक किया। अध्यक्षता प्राचार्य डा राजेश किशोर त्रिपाठी ने की। मृदा रोग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पीके राजपूत ने भी जानकारियां दीं। भूजल बोर्ड के विद्याभूषण, किसान अमर सिंह, कॉलेज के डॉ एके पांडेय, डॉ प्रकाश दुबे, डॉ इंदुवाला मिश्रा, डॉ मनोज यादव, डॉ दिव्य ज्योति मिश्रा, डॉ आदित्य कुमार मौजूद रहे। संचालन कृषि विभाग के डॉ एमपी सिंह ने किया।
सनशाइन स्कूल में लगाए गए पौधे
इटावा/इकदिल। विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस के उपलक्ष्य में सनशाइन स्कूल में पौधरोपण किया गया। चेयरमैन मनीषा चतुर्वेदी, मुकुल चतुर्वेदी ने पौधे लगाए। प्रबंधक शिखर चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। उधर श्री नारायण हरि गो सेवा संस्थान (ट्रस्ट ) ने ग्राम बिरारी में सघन पौधरोपण कार्यक्रम चलाया। संस्थान के अध्यक्ष महावीर शर्मा ने कहा कि आज किया गया पौधरोपण आने वाली पीढ़ियों का भविष्य उज्ज्वल करेगा। विनय कुमार द्विवेदी, भानू पाराशर उपस्थित रहे। संवाद प्रतिनिधि भरथना के अनुसार रेलवे स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने राजेंद्र प्रसाद, कासिम, दिलीप कुमार, संजय कुमार के साथ पौध रोपण किया। (संवाद)