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इटावा : निजी अस्पतालों और क्लीनिकों से पंजीकरण शुल्क लेगी नगर पालिका

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जिलाधिकारी अवनीश राय को समस्या बताते आईएमए के पदाधिकारी। संवाद - फोटो : ETAWAH
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इटावा। शहर क्षेत्र में निजी क्लीनिक, अस्पतालों, एक्सरे और पैथोलॉजी सेंटरों से नगर पालिका लाइसेंस शुल्क वसूल करेगी। इसके लिए नगर पालिका की ओर से चिकित्सीय संस्थानों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। 24 से अधिक संस्थानों को नोटिस मिल चुके हैं, इसमें कुछ ने शुल्क जमा भी कर दिया है।
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इटावा नगर पालिका के ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने बताया कि शासन के 15 जुलाई 2000 को जारी गजट के अनुसार लाइसेंस शुल्क तय किया गया है। शहर में 250 से 300 चिकित्सीय संस्थान शुल्क के दायरे में आ रहे हैं। अभी तक होटल, रेस्टोरेंट, देशी, अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानों को लाइसेंस शुल्क लेकर पंजीकरण किया जा रहा है। इसी अधिनियम के तहत निजी अस्पतालों से भी शुल्क लिया जाएगा। कुछ चिकित्सक अदालत में केस लड़ रहे थे, इसलिए वसूली की प्रक्रिया रुकी हुई थी। अदालत से स्टे आदेश नहीं आने पर लाइसेंस शुल्क वसूल कर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चिकित्सा संस्थान के संचालकों ने जो ज्ञापन दिया है, उसका शासनादेश के परिप्रेक्ष्य में अवलोकन किया जाएगा।
लाइसेंस शुल्क की दरें
1- नर्सिंग होम 20 बेड तक 2,000 रुपये
2- नर्सिंग होम 50 बेड से ऊपर 50 रुपये प्रति बेड अतिरिक्त - अधिकतम 5, 000 रुपये
3- प्रसूति गृह 20 बेड- 4, 000 रुपये
4- प्रसूति गृह 20 बेड के ऊपर- 50, 000 रुपये
5- प्राइवेट अस्पताल - 5, 000 रुपये
6- पैथोलॉजी सेंटर - 1, 000 रुपये
7- एक्सरे क्लीनिक - 2, 000 रुपये
8- डेंटल क्लीनिक - 4, 000 रुपये
9- प्राइवेट क्लीनिक- 3, 000 रुपये
सभी दरें वार्षिक आधार पर तय की गई हैं।
विरोध में आईएमए पदाधिकारियों ने सौंपा ज्ञापन
इटावा। लाइसेंस शुल्क के नोटिस मिलने के बाद आईएमए के पदाधिकारी डीएम अवनीश राय से मिले और नगर पालिका के ईओ विनय मणि त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सालय संचालक पहले से राजस्व दे रहे हैं, इसके बावजूद नगर पालिका ने अनावश्यक रूप से लाइसेंस शुल्क के नोटिस जारी किए हैं। आईएमए सचिव डॉ डीके सिंह ने कहा कि बिना किसी बाइलॉज के लाइसेंस फीस मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बाइलॉज या शासनादेश है तो उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में डॉ. एमएम पालीवाल, डॉ वीके गुप्ता, डॉ. डीके टंडन, जयप्रकाश अग्रवाल आदि शामिल रहे। (संवाद)
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