इटावा। ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला लगाया गया। ताखा में डॉक्टर नहीं आए तो बसरेहर पीएचसी में डॉक्टर समय से पहले चले गए। इससे मरीजों को परेशानी हुई। वहीं अस्पतालों में वायरल, खांसी और जुकाम के मरीज ज्यादा आए।
शहर में रामलीला रोड मड़ैया शिवनारायन स्थित नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में सुबह साढ़े 11 बजे तक डॉ. विकल दुबे के अनुसार 32 मरीज आ चुके थे। अस्पताल में डॉक्टर के अलावा पांच स्टाफ मौजूद रहा। ज्यादातर बुखार के मरीज आए। शांति विहार कॉलोनी से आई बालिका मानसी ने बुखार की जांच कराई।
ताखा संवाद के अनुसार आरोग्य मेला में पीएचसी पर डॉक्टर न आने पर फार्मासिस्ट अभिलाख सिंह ने सात मरीजों को दवाएं दीं। सरसईनावर सीएचसी अधीक्षक डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बताया पीएचसी ताखा पर डॉक्टर परिवारी दिक्कत होने की वजह से नहीं आ सके।
आरोग्य मेला में अन्य पीएचसी पर मरीजों की संख्या कम देखने को मिली। ब्लॉक क्षेत्र के ऊसराहार पीएचसी पर डॉ. अतुल चौहान के अनुसार 10 बजे तक मात्र दो मरीज आए। पीएचसी खरगपुर सरैया पर डॉ.आरपी कुशवाहा ने बताया 11 मरीज आए। बुखार, जुकाम, त्वचा के मरीज आए और दवा लेकर गए। पीएचसी समथर के डॉ. उदय प्रताप सिंह के अनुसार 11 मरीजों ने बुखार, जुकाम की दवाएं लीं।
जिले में कुल 1612 मरीज आए। इनमें 551 महिलाएं, 651 पुरुष व 410 बच्चे थे। 134 लोगों के गोल्डन कार्ड बने। 341 लोगों की कोरोना व 467 मरीजों की मलेरिया जांच हुई। मेले में नेत्र के 334 रोगियों का परीक्षण किया गया। त्वचा के 415 रोगी आए। सीएमओ डॉ.बीएल संजय ने बताया कि आरोग्य मेले में डॉक्टर समय से पहले क्यों उठ गए। इस बारे में जानकारी करके तलब किया जाएगा।
समय से पहले बंद हो गए अस्पताल
बकेवर संवाद के अनुसार लखना में 30 व बहादुरपुर में 18 मरीज आए। तीन बजे की जगह दो बजे अस्पताल बंद हो गए। बहादुरपुर स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ दोपहर 1:50 बजे अस्पताल बंद करने की तैयारी में जुटा था। फार्मासिस्ट सुशील कुमार ने बताया 18 मरीज आए।
लाखना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर 2:10 बजे आरोग्य मेला समाप्त हो चुका था। महेवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से निकल रहीं डॉ. अनीता ने बताया केंद्र प्रभारी डॉ. संदीप की पोस्टमार्टम में ड्यूटी होने की वजह से वे 12 बजे चले गए थे। बताया आरोग्य मेला में 30 मरीज आए। बिजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. जितेंद्र सिंह चौहान ने 24 मरीज देखे।