ताखा/सैफई (इटावा)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ऊसराहार थाना क्षेत्र के खरगुआ के पास सोमवार रात आगरा की ओर से आ रही डीसीएम बस परिचालक और दो यात्रियों को टक्कर मारते हुए खड़ी बस से टकरा गई। हादसे में परिचालक, डीसीएम चालक, एक बस यात्री की मौत हो गई और दो यात्री घायल हो गए। उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
हरियाणा के बदरपुर बॉर्डर से डबल डेकर निजी बस यात्रियों को लेकर बिहार के सीतामढ़ी जा रही थी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सोमवार रात करीब तीन बजे कुछ यात्रियों ने लघुशंका करने के लिए रुकवा ली। चालक ने चैनल नंबर 123 के पास बस रोक दी। यात्री लघुशंका करने लगे। बिहार के दरभंगा जिले के बिरौर थाना क्षेत्र के कौआ निवासी बस के परिचालक शंकर ठाकुर (31) पुत्र राम सुशील, चालक के साथ पहियों की हवा देखने लगे। इसी बीच आगरा की ओर से आ रही डीसीएम बेकाबू होकर बस के परिचालक और दो यात्रियों को टक्कर मारते हुए बस से टकरा गई। हादसे में बस परिचालक, दरभंगा के बिरौर थाना क्षेत्र के सियोल निवासी बस यात्री मोहम्मद हसनेन (30) पुत्र जैनुलहक और बरेली जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गीत जागीर निवासी डीसीएम चालक रिजवान (19) पुत्र सिद्दीकी अहमद की मौत हो गई। सीतामढ़ी जिले के रूलीसैदपुर थाना क्षेत्र के मईसार निवासी बस यात्री रामबाबू राय पुत्र धीरज राय, गीत जागीर निवासी डीसीएम के हेल्पर चालक के पिता सिद्दीकी अहमद पुत्र मजनू बक्श घायल हो गए। उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद बस के दोनों चालक अशोक कुमार और सुशील कुमार मौके से भाग गए। सिद्दीकी अहमद ने बताया कि डीसीएम चालक को झपकी आने के कारण हादसा हुआ है।
बस चालक की गलती से हुआ हादसा
ताखा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस हादसा बस चालक की लापरवाही से हुआ। चालक ने गलत जगह बस रोक दी थी। नियमानुसार उसे फूड प्लाजा या एक्सप्रेसवे पर पीली पट्टी पर ही बस रोकनी चाहिए थी। अगर चालक ने नियमों का पालन किया होता तो शायद हादसा न होता।
स्लीपर बस में करीब 70 सवारियां थीं। बस चालक ने एक्सप्रेसवे के नियमों का पालन नहीं किया। जिस जगह हादसा हुआ, उससे करीब 10 किलोमीटर पहले टिमरुआ कट के पास फूड प्लाजा बना है। बस यात्री रामबाबू राय ने बताया कि टोल प्लाजा पर चालक ने बस नहीं रोकी। कई बार उससे कहा तब लघुशंका के लिए एक्सप्रेसवे पर बस रोक दी। 123 कट पर बस खड़ी करने के लिए कोई स्थान नहीं था, इसके बावजूद चालक ने बस वहीं खड़ी कर दी थी।
ऊसराहार थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि मृतकों के शवों पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अन्य यात्रियों को दूसरे वाहन से गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
केवल पीली पट्टी पर रोके जा सकते हैं वाहन
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर वाहन टोल प्लाजा, फूड प्लाजा या कट पर बनी पीली पट्टी के किनारे ही रोके जा सकते हैं। अन्य जगह पर वाहन नहीं रोकने चाहिए। पीली पट्टी पर या उसके बाहर वाहन होने की स्थिति में पांच सौ रुपये का चालान किया जाता है।
मुख्यमंत्री योगी ने शोक जताया
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर शोक व्यक्त है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए शोक संवेदना व्यक्त की है।
घायलों का हाल जानने पहुंचे डीएम और एसएसपी
एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे की सूचना पर डीएम अवनीश कुमार राय और एसएसपी जय प्रकाश सिंह भी सैफई मेडिकल कॉलेज में घायलों का हालचाल लेने पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल लेने के बाद डॉक्टरों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए।
शंकर ठाकुर,फाइल फोटो। संवाद- फोटो : ETAWAH
हादसे के बाद डीसीएम को किनारे करती क्रेन। संवाद- फोटो : ETAWAH
सैफई पीजीआई में घायल से बात चीत करते डीएम और एसएसपी। संवाद- फोटो : ETAWAH