चकरनगर (इटावा)। कोटा बैराज से बुधवार को चंबल नदी में 1.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ की आशंका से नदी के आसपास के गांवों को अलर्ट कर दिया है। अभी चंबल नदी खतरे के निशान से पांच मीटर नीचे बह रही है। चंबल नदी में खतरे का निशान 120.88 मीटर पर है। इस समय जलस्तर 115.68 पर है।
चकरनगर एसडीएम मलखान सिंह ने बताया कि लेखपालों को गांवों की स्थिति जानने के लिए लगा दिया गया है। मर्दानपुरा, विंडवा खुर्द, सिंडोस,बिडौरी ,बंसरी, कचहरी, गढ़ाकास्दा, अनेठा, अंदावा, भरेह, कंधेसीघार, गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में बाढ़ चौकियां बनाकर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। तहसीलदार कार्यालय को रिपोर्टिंग सेंटर बनाया गया है। कंधेसीघार, महुआ सूडा, अंदावा नीमाडांडा, हरौली ,भरेह में नावें भी लगा दी गई हैं।
50 गांवों पर बढ़ा बाढ़ का खतरा
यमुना नदी : गौहानी, खिरीटी, कछपुरा, नद गंवा,चिंडोली, डिभौली, हरौलीघार, दिलीपनगर, कांयछी, निवी, नौगांवा,पुरा वली, इकनौर,विल्हाटी, निवारी कचहरी लखनपुरा घार करावली गांवों में यमुना के पानी पहुंचने की आशंका है।
चंबल नदी : बंसरी, अचरौली सलोखरा, कतरौली, पथर्रा, बिहार, इमिलिया, चकरपुरा, महुआ सूडा, जगतौली, बरेछा, मिटहटी, कुंदौल, पालीघार, सहसो, भोआ गांवों तक चंबल नदी का पानी पहुंचने की आशंका है।
क्वारी नदी : ललूपुरा, चौरेला, सिंडौस, विंडवा खुर्द, चमराहीतीर, रीतौर, कुवंर पुरा कुर्छा, बिडौरी, बिठौली पसिया गांवों में क्वारी का पानी पहुंचने की आशंका है।
बढ़पुरा विकाखंड के पांच गांवों को खतरा
मड़ैया, पछायगांव, बसवारा, मड़ैया बढ़पुरा, जरौली