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Etawah News: चेहरे पर झुर्रियों व रेटीना की वजह से नहीं हो पा रही है ई-केवाईसी

Tue, 20 Jun 2023 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद किसान सम्मान निधि का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचने में ई-केवाईसी अड़चन बनी हुई है। हाथों की लकीरें बायोमीट्रिक मशीनों में न आने पर शासन की ओर से ई-केवाईसी कराने के लिए एक एप बनाकर काम तेजी से कराने का प्रयास किया, लेकिन उसमें भी खासी सफलता नहीं मिल पा रही है। आंख का ऑपरेशन होने या चेहरे पर झुर्रियां पड़ने पर एप किसान को पहचान नहीं रहा है। ऐसे में ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है।
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जिले में 2,51,132 किसान पंजीकृत हैं। इन्हें सरकार की ओर से दी जा रही किसान सम्मान निधि का शत-प्रतिशत लाभ देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें ई-केवाईसी और भूमांकन का सत्यापन पूरा न हो पाने से बड़ी संख्या में किसानों की किस्तें रुकी हुई हैं। इसे लेकर शासन ने विशेष अभियान चलाकर किसी भी हाल में ई-केवाईसी और भूमांकन की प्रक्रिया कराकर सभी किसानों के खाते में 14 किस्त पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
इसे लेकर कृषि विभाग की ओर से घर-घर भेजकर अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही 15 जून से सभी तहसीलों में विशेष शिविर लगाए गए हैं। इनमें भूमांकन, कागजों को सही कराने और ई-केवाईसी का काम कराया जा रहा है। लंबे समय से ई-केवाईसी में यह समस्या आ रही थी कि बायोमीट्रिक सत्यापन में बुजुर्गों के हाथों की लकीरें मशीन नहीं ले रही थीं। इससे बड़ी संख्या में ई-केवाईसी प्रभावित थी।
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शासन की ओर से इसका समाधान निकालने के लिए पीएम किसान जीओआई एप लांच किया। अब इस एप के जरिए किसान की फोटो खींचकर उसकी ई-केवाईसी की जा सकती है। इससे कुछ राहत तो मिली, लेकिन सभी किसानों की ई-केवाईसी अभी भी नहीं हो पा रही है। किसी की आंख का ऑपरेशन होने पर उसकी आंख की पुतली का मिलान नहीं हो पा रहा है तो किसी का बुढ़ापा आने पर जवानी की फोटो से मिलान नहीं हो पा रहा है। सदर तहसील में पांच दिनों करीब 150 आवेदन आए। इनमें से करीब 25 किसान ई-केवाईसी के लिए आए। अधिकांश किसानों को इस परेशानी का सामना करना पड़ा। लगभग यही स्थिति सैफई, भरथना, जसवंतनगर, चकरनगर और ताखा तहसील में आए आवेदनों की भी है। यही वजह है कि अभी तक सिर्फ 70 प्रतिशत ही केवाईसी हो सकी है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसान इस बार भी 14 वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं।
शासन के आदेश पर चलाए गए अभियान से भूमांकन और आधार सीडिंग के काम में सुधार आया है। भूमांकन का काम लगभग 95 प्रतिशत तो आधार सीडिंग का काम 86 प्रतिशत तक हो चुका है। सिर्फ ई-केवाईसी का काम सिर्फ 70 प्रतिशत हो सका है। 22 मई से कराए गए अभियान के तहत ही ई-केवाईसी आठ हजार हो सकी है। वहीं इसमें भी एप के जरिए सिर्फ तीन हजार ही हो पाई है।
एक लाख 45 हजार किसानों का डाटा तैयार
कृषि विभाग के पास अभी तक अभियान चलाने के बाद जिले के एक लाख 45 हजार किसानों का डाटा सत्यापित हो गया है। इन किसानों की ई-केवाईसी, भूमांकन और आधार सीडिंग हो चुकी है। ऐसे में इन किसानों को 14 किस्तों का लाभ मिलेगा।
वर्जन
अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। 26 जून से सभी राजकीय कृषि बीज गोदामों पर भी शिविर लगाए जाएंगे। किसान जल्द से जल्द अपनी केवाईसी, आधार सीडिंग और भूमांकन की प्रक्रिया पूरी करा लें। -आरएन सिंह, उप निदेशक कृषि
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