इटावा जिले में जसवंतनगर नगर के दवा व्यापारी के बेटे की नशा मुक्ति केंद्र में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। छिमारा रोड निवासी दवा व्यापारी सुनील यादव का पुत्र अमित (34) में नशे की लत होने की वजह से परिजनों ने उसे 13 मई को मथुरा के मोतीनगर में एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।
परिजनों का आरोप है कि सोमवार को नशा मुक्ति केंद्र से दोपहर में फोन पर बताया गया कि मोनू की तबीयत ज्यादा खराब हो गई है, इसे यहां से ले जाएं। परिजनों ने मोनू से वीडियो कॉल कराने को कहा, लेकिन न तो मोनू को दिखाया गया और न ही बात कराई गई। मोनू की मां मालती देवी का कहना है कि जिस दिन से मोनू नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती हुआ था।
उसके बाद से लगातार वह और परिजन उससे बात करने का प्रयास कर रहे थे। मगर केंद्र वाले बात करवाने में टालमटोल करते थे। ज्यादा बीमार होने की सूचना पर परिजन मथुरा रिफाइनरी के पास पहुंचे वहां केंद्र वालों ने मोनू को जबरन उनकी गाड़ी में डाल दिया और भाग निकले। मां ने बताया कि मोनू के शरीर पर काफी चोटें हैं। एक आंख जख्मी थी।
आशंका है कि केंद्र में बेरहमी से पिटाई की गई हो, जिससे उसकी मौत हुई है। सपा के वरिष्ठ नेताओं की पैरवी के बाद भी देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी ने बताया कि मृतक के परिजनों को मथुरा में ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए प्रयास करना चाहिए था।