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Etawah News: बजट के अभाव में अटके पड़े ड्रीम प्रोजेक्ट

Tue, 28 Feb 2023 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा/सैफई। वित्तीय वर्ष बीतने को है, इसके बावजूद जिले के कुछ अहम प्रोजेक्टों के लिए बजट नहीं मिल सका है। सैफई के 500 बेड के स्पेशियलिटी अस्प्ताल और 300 बेड के गायनी अस्पताल का काम अधर में पड़ा है। वहीं भूमिगत केबल डालने, जल आपूर्ति जैसे ड्रीम प्रोजेक्ट भी बजट के अभाव में अधूरे पड़े हैं।
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500 बेड का अस्पताल मार्च तक कैसे बनेगा
फरवरी 2015 में इस अस्पताल को बनवाने की स्वीकृति मिली थी। उस समय इसकी स्वीकृत लागत 333.56 करोड़ थी। इसके बाद 489.88 करोड़ की गई थी। इसमें से 420.63 करोड़ रुपये अवमुक्त होने से काम लगभग पूरा हो चुका है। अब 69 करोड़ रुपये की दरकार है। विभाग की ओर से इसे पूरा करने के लिए मार्च 2023 का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन बजट न मिलने से इस वर्ष यह काम पूरा नहीं हो सकेगा।



300 बेड के गायनो अस्पताल के लिए चाहिए 100 करोड़
सैफई में 300 बेड का गायनो अस्पताल बनने के लिए सपा सरकार ने 2016 में स्वीकृति दी थी। इसकी लागत करीब 176 करोड़ रुपये तय थी। इसमें से 76 करोड़ रुपये तो मिल गए हैं। इससे इमारत तो बनवा दी गई, लेकिन वह सालों से सफेद हाथी बनी हुई है। सेतु निर्माण निगम को इस वर्ष बजट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इस वित्तीय वर्ष के 11 माह बीतने के बावजूद 100 करोड़ की धनराशि नहीं मिल सकी है। इससे निर्धारित समय मार्च 2023 में इसका काम पूरा होने की उम्मीद समाप्त हो गई है।
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36 करोड़ की मांग, तीन साल से रुका काम
अर्बन डवलपमेंट मास्टर प्लान सैफई के तहत विद्युत केबल को टनल एवं डीपी ड्रिलिंग से भूमिगत कराना है। यह परियोजना 2016 में 55.10 करोड़ रुपये से कराने के लिए स्वीकृत हुई थी। इसमें से 19 करोड़ रुपये के बजट से काम कराया गया है। अभी तक लगभग 30 प्रतिशत काम हुआ है। 2022-23 में इसके लिए बजट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन 11 माह बीतने पर भी इसके लिए बजट नहीं मिल सका है। ऐसे में काम अब अगले वित्तीय वर्ष में ही होने की उम्मीद है।



जल आपूर्ति का मास्टर प्लान अटका
अर्बन डवलपमेंट मास्टर प्लान के तहत जल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था कराई जानी है। इसके लिए 32.65 करोड़ रुपये मार्च 2023 में स्वीकृत किए गए थे। इसमें से 11.53 लाख रुपये मिलने के बाद धन के अभाव में प्रोजेक्ट रुका पड़ा है। पाइप लाइनें जहां की तहां पड़ी हैं। इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए बजट नहीं मिल सका। अब अगले वित्तीय वर्ष में बजट मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार शासन के आदेश पर बजट मिलते ही काम करा दिया जाएगा।

वर्जन
सभी परियोजनाओं के लिए जितना बजट मिला है। उतने रुपये का काम करा दिया गया है। अब बजट मिलने के बाद अधूरे कामों को पूरा कराया जाएगा। - पंकज वर्मा, प्रबंधक, उप्र राज्य निर्माण निगम
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