(फोटो संख्या 22) जसवंतनगर के धनुआ पीएचसी में डॉक्टर की खाली पड़ी कुर्सी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/ जसवंतनगर। गरीबों को पास में ही इलाज देने के उद्देश्य से शुरू किए गए आरोग्य मेले भी डॉक्टरों और स्टाफ के लापरवाही के भेंट चढ़ रहे हैं। रविवार को धनुआ पीएचसी पर डॉक्टर और स्टाफ नर्स की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। फार्मासिस्ट मरीजों को दवाइयां दे रहा था। वहीं कई अन्य पीएचसी पर भी डॉक्टर और स्टाफ देरी से पहुंचने के वजह से लोग परेशान रहे।
जिले के 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आरोग्य मेले में 1162 मरीज देखे गए हैं। सुबह से शुरू हुए मेले में कई जगहों पर डॉक्टर देरी से कहीं डॉक्टर पहुंचे ही नहीं। कुछ जगहों पर स्टाफ भी समय से नहीं पहुंचने से मरीज परेशान रहे। धनुआ पीएचसी में डॉक्टर नदारत मिले
जसवंतनगर नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धनुआ का हाल यह था कि डॉक्टर ही नदारत थे। उनकी गैर हाजिरी में फार्मासिस्ट ही अस्पताल चलाते मिले। 11 बजे तक ताला लगा था। स्टाफ नर्स भी नहीं मिलीं। ऐसे में जो मरीज आए थे वह डॉक्टर न होने की वजह से सिस्टम को कोसते हुए लौट गए।
लोगों ने बताई परेशानी
(फोटो संख्या 23) छोटे अली
गांव धनुआ से आए छोटे अली ने बताया कि आरोग्य मेले का प्रसार नहीं किए जाने से ग्रामीणों को जानकारी नहीं हो पाती है कि यहां आरोग्य मेला लगता है। ज्यादातर मरीज जसवंत नगर अस्पताल में इलाज के लिए जाते हैं।
(फोटो संख्या 24 ) ब्रजेश
धनुआ के ही ब्रजेश ने बताया कि यहां डॉक्टर 11 या 12 बजे तक आते हैं, तब तक ज्यादातर मरीज लौट जाते हैं। इस तरह का रवैया काफी समय से चल रहा है।
वर्जन
आरोग्य मेला मेंं डॉक्टर व स्टाफ नर्स के गैर हाजिर रहने का मामले की जांच कराकर पता लगाएंगे। डॉ. सुशील यादव, सीएचसी अधीक्षक जसवंतनगर।