मरीजों को पीटने वाले डॉक्टर निलंबित, रिपोर्ट दर्ज
क्रासर
- शासन के आदेश पर डीएम ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने आयुर्विज्ञान विवि में जाकर लिए पीड़ितों के बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
सैफई। उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के इमरजेंसी ट्रामा सेंटर की तीसरी मंजिल पर पुरुष हड्डी वार्ड में भर्ती मरीजों को पीटने वाले डाक्टरों प्राथमिक जांच के बाद विवि प्रबंधन ने निलंबित कर दिया है। वहीं एक मरीज की तहरीर पर दोनों डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शुक्रवार को पुरुष हड्डी वार्ड में दो डॉक्टरों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें वह मरीज के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद विवि प्रबंधन की ओर से टीम गठित करके जांच कराई गई। इसमें डॉ. अमन और डॉ. दास प्राथमिक रूप में दोषी पाए जाने पर सोमवार को निलंबित कर दिया गया। वहीं एक मरीज हड्डी वार्ड में भर्ती मरीज सौरभ निवासी नगला दिलीप थाना करहल जिला मैनपुरी ने सैफई थाने में दोनों डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि वह पुरुष हड्डी वार्ड में भर्ती था। एक डॉ. अमन श्रीवास्तव ने 11 जुलाई को पीटा था। वहीं एक दिन पहले 10 जुलाई को इसी वार्ड में गुड्डू निवासी रसूलपुर टंकी थाना रसूलपुर जिला फिरोजाबाद को डॉ. दास ने पीटा था। उधर, शासन के आदेश पर डीएम अवनीश राय ने पांच सदस्यीय टीम का जांच के लिए गठन किया। इस टीम के सदस्य एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एसपी देहात सत्यपाल सिंह समेत सभी अधिकारी रविवार रात आयुर्विज्ञान विवि के ट्रामा सेंटर में बने हड्डी वार्ड में पहुंचे। यहां मरीज सौरभ ने पूरा घटनाक्रम अधिकारियों के सामने दोहरया। कहा कि यहां आए दिन डॉक्टर मरीजों के साथ मारपीट करते हैं। अधिकारियों ने पीड़ित बयान दर्ज करके उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। वहीं अस्पताल से छुट्टी कराकर चले गए पीड़ित मरीज गुड्डू के टीम ने फोन पर बयान दर्ज किए हैं।
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वर्जन
कुलपति प्रो.डॉ. प्रभात सिंह ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद टीम गठित करके जांच कराई गई। इसमें प्राथमिक तौर पर दोनों डॉक्टरों को दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। आगे की विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को पीड़ित के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच रिपोर्ट तीन दिन में डीएम साहब को सौंपी जाएगी।