इटावा/बकेवर। पुलिस विभाग में भर्ती शुरू होते ही जिले में भी आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील में आवेदनों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में सत्यापन के दौरान लेखपाल मनमानी कर रहे हैं और गलत आपत्तियां लगा रहे हैं। ऐसे में कई मामले सामने भी आए हैं। लेखपालों की इस कारस्तानी के कारण आवेदक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
कई सालों के इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में भर्ती निकाली है। 60 हजार से अधिक सिपाही पद के लिए 18 से 25 वर्ष के युवक और 18 से 28 वर्ष की युवतियों से आवेदन मांगे गए हैं। 23 दिसंबर को भर्ती का नोटिफिकेशन आने के बाद से जिले में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के करीब 38 हजार आवेदन आ चुके हैं। वहीं, एक सप्ताह में 20 हजार से अधिक आवेदन आए हैं। ऐसे में अब लेखपाल स्थानीय स्तर पर मनमानी करते हुए आपत्तियां लगाकर युवाओं को परेशान कर रहे हैं। ऐसे में आवेदन निरस्त होने के बाद युवा तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन प्रक्रिया होने से कोई भी आवेदन तय समय सीमा से अधिक तक रोका नहीं गया है, लेकिन गलत आपत्तियां आवेदकों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
ग्राम नौधना निवासी संतराम ने जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। दो बार आवेदन निरस्त हो गया। पहना आवेदन 30 दिसंबर को किया था। बिना कारण बताए छह जनवरी को इसे निरस्त कर दिया गया। दोबारा आवेदन सात जनवरी को किया, जिसे 12 जनवरी को निरस्त कर दिया गया। कारण भी पता नहीं चल रहा कि आवेदन निरस्त क्यों किया।
सराय इलाही ग्राम पंचायत के नगला भजू निवासी स्नेहा यादव ने जाति प्रमाण पत्र के लिए बकेवर कस्बा के एक जन सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन किया था। चार दिन बाद संबंधित लेखपाल ने अविवाहित होने के बावजूद आवेदन में विवाहित लिखकर आवेदन निरस्त कर दिया। ऐसे में अब उसने दोबारा आवेदन किया है। इस पर लेखपाल की रिपोर्ट अभी लगनी बाकी है।
स्नेहा यादव उनके पास आई थीं। उन्होंने खारिज रिपोर्ट में तत्काल संशोधन करके उसे आगे बढ़ा दिया है। लेखपालों को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी आवेदन आए हैं उनमें रिपोर्ट जांच के बाद सही लगाएं। यदि किसी लेखपाल की बार-बार शिकायत आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राजकुमार सिंह, तहसीलदार भरथना।
यह है आवेदनों की स्थिति-
आय प्रमाण पत्र - 3948
निवास प्रमाण पत्र - 9183
जाति प्रमाण पत्र - 6912
कुल आवेदन - 20043