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Etawah News: मरीजों का दर्द बढ़ा रही सीटी स्कैन मशीन की खराबी

Thu, 27 Apr 2023 01:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा/सैफई। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में सीटी स्कैन मशीन फिर खराब हो गई। मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ी।
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आयुर्विज्ञान विवि के इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में वर्ष 2007 में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू हुई थी। 16 साल पुरानी मशीन में काफी समय से दिक्कत आ रही है। कई बार यह खराब हो चुकी है। पिछले तीन माह में ही करीब तीन से चार बार मशीन खराब होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को भी मशीन दगा दे गई। इस दौरान बड़ी संख्या में मरीज भटकते रहे थे।
बुधवार को ओपीडी में करीब तीन हजार मरीज दिखाने आए। साथ ही इमरजेंसी में 800 मरीजों को उपचार दिया गया। इनमें से लगभग 70 से 80 मरीजों को सीटी स्कैन जांच लिखी गई। लेकिन मशीन खराब होने के कारण इमरजेंसी में मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ी। ओपीडी के मरीज निराश होकर लौट गए। आसपास के जिलों से आए मरीज भी व्यवस्था को कोसते नजर आए।
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प्रमुख सचिव ने मशीन बदलवाने का दिया था आश्वासन
जुलाई 2021 में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा प्रमुख सचिव आलोक कुमार मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने आए थे। इस पर लोगों ने सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें आए दिन खराब होने की बात कही थी। प्रमुख सचिव ने पुरानी सीटी स्कैन मशीन की जगह नई मशीन लगाने के निर्देश दे दिए थे। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया था कि जल्द नई मशीन लग जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि प्रशासन को पत्र लिखा गया था। पत्र पर मशीन की स्वीकृति मिल गई है।
घायल बेटे का नहीं हो सका सीटी स्कैन
ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव तमोरी निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि मंगलवार दोपहर उनका पुत्र बबलू (32), पत्नी तथा दो वर्षीय पुत्र के साथ बाइक से बाजार जा रहा था। रास्ते में कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। चिकित्सकों ने सीटी स्कैन के लिए बोला, लेकिन मशीन खराब होने की वजह से स्कैन नहीं हो सका। बाहर से सीटी स्कैन कराने में अधिक रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

सीटी स्कैन की जगह एमआरआई करा दिया
नगला भंगे थाना छिबरामऊ जिला कन्नौज निवासी अरविंद कुमार ने बताया कि भाई संतोष कुमार (38) बुधवार सुबह हादसे में घायल हो गया था। उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने पहले सीटी स्कैन लिखा, फिर मशीन खराब होने पर एमआरआई करा दिया गया। पूछने पर कोई कारण नहीं बताया।
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कुलपति प्रो/डॉ. प्रभात सिंह ने बताया कि शासन को पत्र लिखा गया था। पत्र के आधार पर शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द नई मशीन लगवाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है मरीजों को परेशानी न हो।
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