बकेवर। लगातार बारिश से यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण एक बार फिर से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। मड़ैया दिलीपनगर गांव में इस नदी के किनारे बोई गई बाजरा और हरी सब्जियों की फसल डूब चुकी है। पानी के और बढ़ने की आशंका को लेकर किसान चिंतित हैं।
लगातार हो रही बारिश से यमुना नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। दो महीने पूर्व ही यमुना में आई बाढ़ से किसान बर्बाद हुए थे। अब उन्हें फिर से दुर्दिन आने की चिंता सता रही है। वह डरे सहमे हैं। यमुना नदी में उफान की शुरूआत ने मड़ैया दिलीपनगर गांव में नदी के किनारे खड़ी बाजरा की फसल और हरी सब्जियों को अपनी चपेट में ले लिया है।
परिवार के भरणपोषण की जुगत भिड़ा रहे गरीब किसान निर्भय सिंह, मानचंद्र,लखपत सिंह निषाद ने बताया कि बारिश ने फिर से सब मटियामेट कर दिया। अभी बाढ़ के पूर्व दंश से उबर भी नहीं पाए थे कि सोमवार से बाढ़ का प्रकोप दिखने लगा है। फसलें सड़ने लगी हैं। अब नुकसान होने से कोई नहीं बचा सकता।
यमुना जल बढ़ने से लवेदी क्षेत्र के ग्राम कछपुरा, मड़ैया, लखनपुरा, नंदगवां के लोग भी बेहद चिंतित हैं। किसानों ने बताया कि उड़द, बाजरा, तिली व हरी सब्जियों में लौकी, तोरई, मूली, पालक, टिंडे और भिंडी की फसल जलभराव होने से पहले ही बर्बाद हो चुकी थी।
हाड़तोड़ मेहनत करके फिर से फसलें बोयी थी। लगता है कि यमुना की बाढ़ में इस बार उनकी मेहनत बह जाएगी। नदी में जिस तरह पानी बढ़ रहा है। उससे फसल का बर्बाद होना तय है। अब तो रातों की नींद हराम हो चुकी है।