इटावा। दो दिन से जारी बारिश और रविवार सुबह हुई ओलावृष्टि ने किसानों को तगड़ा झटका दिया है। दिन-रात रखवाली के बाद फसलें पकने और कटने के लिए तैयार हुईं तो बेमौसम बारिश मुसीबत बन गई। तेज हवा भी चलने से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि और बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से अब फसलों के सड़ने का खतरा है।
बकेवर, चकरगनर, ताखा और निवाड़ीकला क्षेत्र में रविवार सुबह तेज बारिश हुई। कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि और तेज हवाओं से खेतों में गेहूं की फसल भी गिर गई। चकरनगर संवाद प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के ग्राम गढ़ी मंगद, सिरसा, टिटावली, कोला, प्रेमकापुरा, नगला चौप, ढकरा, चन्द्रहंसपुरा में सरसों की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
एडीओ कृषि ब्रजेश कुमार ने बताया कि चकरनगर ब्लाॅक क्षेत्र में सरसों की फसल को 20 से 25 फीसदी व गेहूं की फसल को 10 से 15 फीसदी नुकसान का अनुमान है। एसडीएम ब्रह्मानंद सिंह कठेरिया ने बताया कि राजस्व विभाग को क्षेत्र में फसल के नुकसान की जांच के लिए निर्देशित किया है। निवाड़ीकला संवाद प्रतिनिधि के अनुसार, अहेरीपुर, महेवा, निवाड़ीखुर्द, इंद्रावखी, दांदरपुर, मुकटपुर में गेहूं की फसल में काफी नुकसान है। तेज हवाओं ने फसल गिर गई है। इससे फसल की पैदावार पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। बकेवर संवाद प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में आलू व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। सरसों की फसल की फलियां टूट गईं और दाने बिखर गए हैं। आलू की मिट्टी खुल जाने से आलू के हरा होने और सड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि बेमौसम की बारिश व ओलावृष्टि से सरसों, चना, गेहूं, जौं, मटर आलू सहित लगभग सभी फसलों का नुकसान हुआ है।
ग्राम डांढी निवासी रनवीर सिंह ने बताया कि आलू की खुदाई चल रही है और बारिश हो गई। जिन खेतों में आलू की बेल सूख गई है उसका आलू सड़ जाएगा। इससे काफी नुकसान होगा। आगामी 10 से 12 दिनों तक आलू की खोदाई नहीं हो सकेगी।
नगला तुला निवासी किसान अनमोल चंद का कहना है कि उनकी 20 बीघा से अधिक गेहूं की फसल गिर गई है। अगर तेज हवा न चलती तो बारिश से गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान न होता। गेहूं के गिरने से दाना कमजोर होने के साथ-साथ भूसा भी कम होगा।
बोलते आंकड़े
फसल रकबा
गेहूं 1,00385 हेक्टेयर
सरसों 25985 हेक्टेयर
आलू 19600 हेक्टेयर
जौ 2625 हेक्टेयर
चना 2145 हेक्टेयर
मटर 309 हेक्टेयर
विशेषज्ञ की बात
बकेवर जनता कॉलेज के उद्यान विभाग के विभागाध्यक्ष व कृषि के डीन डॉ. अशोक कुमार पांडे ने बताया कि बेमौसम बारिश आलू व सरसों की फसल के लिए काफी नुकसानदायक साबित होगी। सरसों की फसल पकी खड़ी है, आलू खुदाई के लिए तैयार है। गेहूं की फसल को बारिश के साथ तेज हवाओं से भी नुकसान हुआ है। फसल गिरने पर उसकी पैदावार कम हो जाती है।
फसलों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान आलू और सरसों में है। गेहूं की फसल गिरने से पैदावार पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। आकलन के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- आरएन सिंह, उप निदेशक कृषि।