बदमाशों से लोहा लेने में 14 मई को गोली लगने से घायल फौजी ने शुक्रवार को आगरा मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। उसकी अर्थी बिटिया की डोली उठने से पहले ही उठ गई।
फौजी राजेंद्र सिंह पुत्र पल्टू सिंह निवासी ग्राम बंधा 14 मई को अपनी भतीजी के गांव मिलिक सैफई से लौट घर रात्रि करीब आठ बजे बाइक से लौट रहे थे। उसी दौरान रास्ते में रोककर बाइक सवार दो युवकों ने उनको रोककर गांव का पता पूछना चाहा। इस पर उन्होंने इनकार कर दिया।
इतने में बदमाश कट्टा लेकर उन पर टूट पड़े। वह भी बदमाशों से भिड़ गए। इतने में एक बदमाश ने उनके सीने में गोली मार दी थी। यह घटना लौकंटी पुल के समीप हुई थी। घायल फौजी को परिजनों ने मेडिकल कालेज आगरा में भर्ती कराया था। जहां पर आठ दिन बाद उनकी मौत हो गई।
घर वालों ने बताया राजेंद की बिटिया कल्पना की शादी तय हो गई थी। उसका तिलक 24 मई को जाना था और दो जून को उसकी बारात आनी थी। राजेंद्र अपनी बिटिया की शादी की हसरत लिए ही दुनिया से रुखसत हो गए।
उधर, थानपुरा अपने ननिहाल आए गोलू पुत्र अखिलेश (7) की गत दिनों भंडारे में गोली चलने से घायल हो गया था। आगरा के कृष्णा अस्पताल में उसकी भी शुक्रवार को मौत हो गई। वह रमपुरा थाना चौबिया का रहने वाला था।