क्राइम ब्रांच टीम और वैदपुरा थाना पुलिस ने रविवार रात वैदपुरा थाना क्षेत्र के चकूपुरा रोड पर खाली पडे़ हॉट मिक्स प्लांट में छापा मारकर अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से भारी मात्रा में बने, अधबने असलहे के अलावा कारतूस व असलहे बनाने के उपकरण भी बरामद हुए हैं। एक साल से ये गोरखधंधा चल रहा था। चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
सोमवार को पुलिस लाइन के मीटिंग हॉल में पत्रकार वार्ता में एसएसपी शिवहरी मीना ने बताया कि रविवार रात क्राइम ब्रांच प्रभारी अजहर अली और वैदपुरा थानाध्यक्ष जेपी पाल सैफई मार्ग पर चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि मदर डेयरी के सामने चकूपुरा रोड पर हॉट मिक्स प्लांट के खाली पडे़ कमरे में कुछ लोग अवैध रूप से असलहाें का निर्माण कर रहे हैं। सूचना पर क्राइम ब्रांच के अलावा वैदपुरा थाना पुलिस ने वहां की घेराबंदी कर ली। पुलिस को आता देख असलहा बनाने वाले भागने लगे। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 15 बने तमंचे और पौनिया, 11 अधबने असलहे बरामद हुए। आरोपियों ने अपने नाम शिव कुमार उर्फ रिंकू पुत्र चुन्नीलाल, शिव शंकर पुत्र विजय निवासी कौधा पहाडपुर थाना कुर्रा जिला मैनपुरी, सिकंदर पुत्र अजीम खां व अनिल चौहान पुत्र महावीर सिंह निवासी रतिभानपुर थाना करहल जिला मैनपुरी बताए।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी एक साल से अवैध रूप से असलहों को बनाकर बेच रहे थे। वह लोग तमंचा 18 सौ से दो हजार में व पौनिया चार से साढे़ चार हजार रुपये में बेचते थे। एसएसपी ने शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम दिया है। इस अवसर पर एएसपी क्राइम देवेश कुमार शर्मा, सीओ भरथना शिवराज सिंह, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर मौजूद रहे।
चुनाव में प्रयोग के लिए तो नहीं बने असलहे
विधान सभा चुनाव से पहले पुलिस द्वारा पकड़ी गई अवैध असलहा फैक्ट्री करीब एक साल से चल रही थी। गिरोह के मास्टर माइंड रिंकू ने बताया कि बहुत से लोग यहां से असलहा खरीदकर ले जा चुके हैं। लेकिन उसने किसी खरीदार का नाम नहीं बताया। कहा कि चुनाव आने के बाद असलहे के रेट में बढ़ोत्तरी हो गई है। एसएसपी शिवहरी मीना ने कहा कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यहां बनने बाले असलहों का प्रयोग विधान सभा चुनाव में हो सकता है। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जानकारी कर रही है।
जहां नौकरी की वहीं बनाया ठिकाना
रिंकू ने बताया कि उसने हॉट मिक्स प्लांट पर नौकरी की थी। प्लांट के बंद होने के बाद उसने इसे काफी सुरक्षित माना और वहीं पर डेरा जमा लिया। वह लोग रात के समय असलहों का निर्माण करते थे और सुबह होते ही वहां से चले जाते। वह सामान करहल से लेकर आता था। उसने गांव आए एक मिस्त्री से असलहा बनाना सीखा था। उसके गांव के कई लोग असलहा बनाते हैं। एक साल पहले गांव में पुलिस ने छापा डाला तो सारे लोग गांव छोड़कर भाग निकले और उन लोगों ने अलग ठिकाना बना लिया।