पुलिस की गिरफ्त में सकौआ में सगे भाई की हत्या में शामिल रामवीर और उसके पुत्र।
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जसवंतनगर । पांच दिन पहले सकौआ गांव मेें हुई हरवीर की हत्या की गुुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्यारा कोई और नहीं उसके सगे बडे़ भाई रामवीर सिंह के परिजनों ने ही की थी। रोज रोज के झगड़ों से आजिज आकर भाई, भाभी और भतीजों ने हत्या की थी। उसके शव को बाइक पर ले जाकर बकेवर थाना क्षेत्र में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित 4 लोगों को नामजद करते हुए जेल भेज दिया है।
लगभग दो वर्ष पहले हरवीर की उसके बडे़ भाई रामवीर की पत्नी पार्वती के साथ किसी बात को लेकर मारपीट हो गई थी। जिसमें हरवीर ने पार्वती का हाथ तोड़ दिया था। जिसका मुकदमा न्यायालय मेें चल रहा है। इसी वजह से दोनो भाइयों में रंजिश चल रही थी। आठ दस दिन पहले हरवीर व उसकी भाभी पार्वती के साथ दोबारा मारपीट हुई थी। हरवीर के आए दिन लड़ाई करने की वजह से उसकी पत्नी काफी समय से अपने मायके भरथना चली गई थी।
हरवीर की मारपीट से आजिज उसके भाई रामवीर तथा परिजनों ने उसे ठिकाने लगाने का मन बना लिया। 4/5 जून की रात जब वह छत पर सो रहा था। तभी भाई रामवीर ने पेट में हंसिया मारकर उसकी हत्या कर दी। सुबह होने से पहले उसको छत से नीचे पेट में रस्सी बांधकर घूरे पर डाल दिया। इसके बाद भतीजे रवि ने उसके शव को अपनी बाइक पर पिता रामवीर को के सथ बैठाकर अंधेरे में वकेवर थाना क्षेत्र में फेंक दिया।
ग्रामीणों की सूचना पर बीती मंगलवार को जसवंत नगर पुलिस ने छत से एक प्लास्टिक बोरी में हरवीर का बिस्तर, उसका खून से सना अंगौछा से भरी बोरी बरामद की। पुलिस को परिजनों पर ही शक हुआ। वे जांच पड़ताल में जुट गए। पूछताछ के लिए प्रभारी निरीक्षक दीपक दुबे, वरिष्ठ उपनिरीक्षक बिजेन्द्र सिंह यादव पुलिस बल के साथ गुरुवार की तड़के सकौआ गांव पहुंचे। हरवीर के भाई रामवीर उसके पुत्र रवि और दीपक ने छत के पीछे से भागने की कोशिश की।
पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने जुर्म कबूल किया। इस मामले में रामवीर सिंह, उसकी पत्नी पार्वती उर्फ नारायणी, पुत्र रवि तथा दीपक को नामजद करते हुए पुलिस ने जेल भेज दिया है।