दो अज्ञात लोगों की हत्याकर बदमाश सोमवार की रात उनके शव जसवंतनगर के जौनई गांव के पास खेत में फेंक गए। सुबह ग्रामीणों ने शव पड़े देख पुलिस को सूचना दी तो सनसनी फैल गई।
दोनों की हत्या रस्सी से गला घाेंटकर की गई है। मृतकों में से एक के पास धनबाद बिहार के टोल प्लाजा की रसीद मिली है। पुलिस को संदेह है कि ट्रक लूटने के बाद दोनों की हत्या की गई। ये चालक और परिचालक हो सकते हैं।
जौनई गांव कानपूर-दिल्ली नेशनल हाईवे के किनारे जसवंतनगर से आठ किलोमीटर दूर है। मंगलवार की सुबह गांव के लोग खेतों पर काम करने गए तो करीब दो सौ मीटर दूर स्थित एक खेत पर अगल-बगल दो शव पड़े देखे। एक साथ दो शव मिलने से ग्रामीण हैरत में पड़ गए। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर शिवराज सिंह और थाना प्रभारी हरपाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। मृतकों में एक की उम्र करीब 50 वर्ष तो दूसरे की 25 वर्ष आंकी गई। अधेड़ के गला लाल अंगौछे से कसा हुआ था और पीछे से हाथ बंधे थे, जबकि युवक के गले में प्लास्टिक की रस्सी फंसी थी। अधेड़ के सिर के पास खून भी पड़ा था।
अधेड़ स्लेटी रंग का सफारी शूट व युवक काला पैंट और नीली चारखाने की शर्ट पहने था। तलाशी में अंधेड़ की जेब से एक पर्ची बरामद हुई, जिस पर गाड़ी नंबर डब्लू बी 11 सी 2832 दर्ज था।
पर्ची पश्चिम बंगाल के धनबाद जिले की चेक पोस्ट चिरकंदा की थी। पुलिस ने अनुमान लगाया है कि ये दोनों ट्रक चालक और क्लीनर हो सकते हैं। बदमाशों ने सवारी बनकर ट्रक में बैठने के बाद दोनों की हत्याकर ट्रक लूट लिया होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि रात दो-तीन बजे के आसपास गांव में बोलेरो आई थी। आशंका है कि उसी से शव यहां लाकर फेंके गए हैं। बाद में पुलिस ने दोनों शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शिनाख्त के लिए पुलिस कानपुर और आगरा की ओर के सारे टोल टैक्स प्लाजा के रिकार्ड खंगाल रही है।
थाने में जोनई गांव के चौकीदार इस्लाम पुत्र शाहबुद्दीन ने शव को मारकर फेंकने का मामला दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह यादव ने बताया कि दोनों की कहीं और हत्या कर यहां शव फेंके गए हैं।