न्यायालय नवम अपर सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को साढे़ चार साल पुराने हत्या के मामले के दोषी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता इम्तियाज अहमद अंसारी के मुताबिक 27 अप्रैल 2014 को चौबिया के मूंज गांव में नंदराम सक्सेना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह रात करीब साढ़े आठ बजे घर से परचून की दुकान पर चीनी लेने गया था। उसकी पत्नी सुनीता देवी ने गांव के विनोद कुमार समेत तीन पर हत्या की आशंका जताई थी। सुनीता देवी ने पुलिस को बताया कि गांव के पंडित विनोद कुमार से उसके पति नंद किशोर से किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी। विनोद ने पति को देख लेने की धमकी दी थी।
उसके बाद विनोद ने ही गांव के शिशुपाल उर्फ सुखपाल और जगमोहन सिंह दोनों पुत्र स्व राजाराम को भड़का दिया। दोनों ने उसके पति को गोली मार दी। पुलिस ने विवेचना में पंडित विनोद कुमार का नाम निकाल दिया। शिशुपाल उर्फ सुखपाल व जगमोहन सिंह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट को दाखिल किया।
मामले की सुनवाई न्यायालय नवम अपर सत्र न्यायाधीश के यहां चल रही थी। पीड़ित पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता इम्तियाज अहमद अंसारी ने गवाहों और साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। इस पर कोर्ट ने शिवपाल और जगमोहन सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 5000 हजार रुपये का जुर्माना भी बोला गया। अर्थदंड नहीं जमा करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।