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फौजियों का नार्थईस्ट में उपद्रव, यात्रियों को पीटा

Tue, 09 Jun 2015 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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सीट के विवाद में नशे में धुत जवानों ने नार्थईस्ट एक्सप्रेस में उपद्रव  कर यात्रियों को जमकर पीटा। जवानों की हरकत से नाराज यात्रियों ने इटावा में ट्रेन रुकते ही ट्रैक पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया।
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यात्रियों का हंगामा देखकर रेलवे के  अफसरों के हाथ-पैर फूल गए।  सूचना पर तुरंत आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे तथा उपद्रव कर रहे जवानों को कार्रवाई का डर दिखाकर काबू में किया। तब जाकर मामला शांत हुआ।

इसके बाद सभी यात्रियों को कोच में बैठाकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। जवानों के उपद्रव के चलते नार्थईस्ट ट्रेन स्टेशन पर करीब 35 मिनट तक खड़ी रही।
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आनंद बिहार रेलवे स्टेशन से गुवाहटी जा रही डाउन नार्थईस्ट एक्सप्रेस मंगलवार दोपहर 11:20 बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर आकर रुकी। ट्रेन रुकते ही इंजन से ठीक पीछे लगे जनरल डिब्बा में सवार करीब आधा सैकड़ा यात्री ट्रेन से उतरकर ट्रैक पर लेट गए।

यात्रियों को ट्रैक पर लेटा देख ड्राइवर ने इसकी सूचना तत्काल एएसएम को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी के जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और ट्रैक पर मौजूद लोगों को हटाकर पूरे मामले की जानकारी ली। यात्रियों का आरोप है कि इंजन के ठीक पीछे लगे जनरल कोच में कुछ फौजी बैठे है।

शराब के नशे में धुत जवान फौजी कोच बताकर उसमें बैठे यात्रियों को कोच से उतरने का दबाव बना रहे हैं। विरोध करने पर फौजियों ने उनके साथ मारपीट की।

इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी के जवान कोच में गए और जवानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे रेलवे पुलिस से भिड़ गए। बाद में पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कार्रवाई की धमकी दी तो नशे में धुत जवान शांत हुए। इसके बाद ट्रेन को 35 मिनट बाद दोपहर 11:54 बजे आगे के लिए रवाना किया जा सका।

रेलवे अफसरों का कहना है कि संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को पास करने के लिए ट्रेन को चार नंबर लूप लाइन पर रोका गया था। इसी बीच मारपीट का शिकार यात्री विरोध जताने लगे।

स्टेशन अधीक्षक आरके त्रिपाठी ने बताया कि जनरल कोच में सीट को लेकर यात्रियों और जवानों से विवाद हो गया था। सूचना पर पहुंची रेलवे पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।

नार्थईस्ट एक्सप्रेस में नहीं होता फौजी कोच
नार्थईस्ट एक्सप्रेस में इससे पहले भी मारपीट होती रही। इसमें फौजी कोच नहीं होता है, जबकि एकजुट होकर फौजी जनरल कोच पर कब्जा कर लेते हैं। इसके बाद वह जनरल यात्रियों को कोच में सवार नहीं होने देते। 

फौजियों पर नहीं की गई कार्रवाई
नार्थईस्ट एक्सप्रेस में फौजियों के बवाल की शिकायत को रेलवे पुलिस ने जल्दी निपटाकर किसी तरह ट्रेन को रवाना कर दिया। लेकिन  यात्रियों की शिकायत के बाद भी आरोपी जवानों पर आरपीएफ और जीआरपी ने कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी।
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