सिविल लाइन थाना क्षेत्र में महेवा निवासी धमेंद्र तिवारी की गोली मारकर की गई हत्या के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। मृतक का खास दोस्त ही हत्या का मास्टरमाइंड निकला। उसने ही फोन कर धर्मेंद्र को इटावा बुलाया और साजिश के तहत खाना खिलाने के बहाने शातिर अपराधी से उसकी हत्या करवा दी। पुलिस ने घटना में भाजपा नेता सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि एक अभी भी फरार है। हत्या के पीछे पैसों के लेनदेन का मामला प्रकाश में आया है। हत्या का षड्यंत्र स्टेशन बजरिया स्थित एक मकान में रचा गया था।
महेवा निवासी धर्मेंद्र तिवारी की दो जुलाई की रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव मलूपुरा जाने वाले मार्ग पर झाड़ियों में पड़ा मिला था। मृतक के भाई जितेंद्र ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मृतक की स्कूटी, कागजात और मोबाइल गायब थे। पुलिस ने उसके मोबाइल की सीडीआर निकलवाई और छानबीन की। इसमें पता चला कि कुछ लोग उसके साथ कार में बैठकर गए थे। सीसीटीवी फुटेज में मामला काफी हद तक साफ हो चुका था। पुलिस ने इसी आधार पर भाजपा नेता नीलम मिश्रा उर्फ शैलेष मिश्रा पुत्र कमलेश निवासी बहेड़ा थाना बकेवर, संजू तिवारी पुत्र राम बहादुर निवासी रंपुरा थाना बकेवर और आशुतोष मिश्रा पुत्र अशर्फी लाल निवासी कृष्णा ब्रेकरी को गिरफ्तार कर लिया। नीलम मिश्रा भारतीय जनता युवा मोर्चा में पदाधिकारी रह चुका है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि हम लोग आशुतोष मिश्रा के कमरे में रुके थे। वहीं पर धर्मेंद्र की हत्या की साजिश रची। हत्या के लिए कुनैरा के शातिर अपराधी सिंकंदर को बुलाया गया। वह बोलेरो लेकर आया। खाना खाने के बहाने सभी कार में बैठ गए। शहर के एक होटल से खाना लिया गया। बाद में कार इधर उधर घूमती रही।
धर्मेंद्र साजिश को समझ नहीं सका। पुलिस की माने तो धमेंद्र की भी सिकंदर से जान पहचान थी। दोनों जेल में बंद रह चुके थे। बोलेरो में ही धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या करदी गई। कार शास्त्री चौराहा होकर स्टेशन बजरिया पहुंची। कुछ देर रुकने के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। बाद में शव को मलूपुरा जाने वाले मार्ग पर फेंक दिया। मृतक की स्कूटी को दूसरे दिन माल गोदाम के पास खड़ी कर दिया। वह भी सीसीटीवी में कैद हो गई थी। बताया कि मृतक के मोबाइल फोन और अन्य सामान को यमुना में फेंक दिया था। एसओ ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि धर्मेंद्र ने नीलम मिश्रा से तीन लाख रुपये उधार लिए थे। धमेंद्र पैसा नहीं लौटा रहा था। इसीलिए उसकी हत्या की गई। एसओ ने बताया कि पुलिस सिकंदर को गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है।