लछवाई गांव में घटनास्थल के आसपास जांच करती पुलिस। अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
थाना क्षेत्र के लछवाई गांव में ट्यूबवेल की रखवाली करने गए ग्रामीण की सोमवार की रात सिर पर डंडा मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव मंगलवार सुबह कोठरी से करीब पचास मीटर की दूर गेहूं के खेत में पड़ा मिला। पुलिस और फोरेंसिक टीम को मौके से खून से सना डंडा मिला है। एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हत्या की वजह अभी साफ नहीं है। आशंका है कि जुए में लेनदेन को लेकर हत्या की गई हो।
क्षेत्र के गांव लछवाई निवासी ग्रीश चंद्र शाक्य पुत्र भूरे सिंह के खेत पर उनका ट्यूबवेल लगा है। करीब दो साल से गांव का ही रामकिशोर (55) पुत्र गोरे लाल उनके ट्यूबवेल की रखवाली कर रहा था। ट्यूबवेल के पास ही एक कोठरी में वह रहता था। सोमवार रात को उसकी हत्या कर दी गई। हत्यारों ने उसका शव पास में ही गेहूं के खेत में डाल दिया। मंगलवार की सुबह जब गांव के लोग खेतों पर निकले तो कोठरी का दरवाजा खुला देखा। अंदर झांका तो राम किशोर नजर नहीं आया। आसपास जाकर देखा तो उसका शव गेहूं के खेत में पड़ा था। पास ही खून से सना डंडा पड़ा था।
प्रभारी निरीक्षक सैफई जीवाराम यादव मौके पर पहुंचे। उनकी सूचना पर कुछ ही देर में एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी, एसपी ग्रामीण राम बदन सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया और टीम ने हत्यारों का सुराग लगाने के लिए आवश्यक सबूत जुटाने का प्रयास किया। पुलिस ने शव को उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसएसपी अशोक त्रिपाठी ने बताया कि राम किशोर की सिर पर डंडा मारकर हत्या की गई है। डंडा पास ही में पड़ा मिला है। हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। चूंकि रामकिशोर जुए का आदी था। आशंका है कि इसी के चलते उसकी हत्या तो नहीं की गई। उन्होंने बताया कि घटना के बारे में अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रामकिशोर ने काफी समय पहले अपनी जमीन व घर बेच दिया था। उसके दो पुत्रियां व एक पुत्र है। पुत्रियों की वह शादी कर चुका है। दोनों अपने परिवारों के साथ फिरोजाबाद में रहती हैं। रामकिशोर की पत्नी की भी मौत हो चुकी है। पुत्र पंजाब में रहकर मजदूरी करता है। पहले रामकिशोर भी अपने पुत्र के पास पंजाब में रहता था। करीब दो साल पहले उसे अपने गांव की याद आई और वह चला आया। चूंकि वह अपनी जमीन व घर बेच चुका था, इस कारण से उसके पास रहने का कोई ठिकाना नही था। गांव के ग्रीश चंद्र शाक्य ने उसे अपने टयूबवेल पर रहने के लिए कोठरी दे दी। वह ट्यूबवेल की रखवाली करता था। इसके एवज में ग्रीश उसके भोजन का प्रबंध कर देते थे।
बताया गया है कि वह जुआ खेलने का शौकीन था। वह आसपास के लोगों के साथ मिलकर जुआ खेला करता था। एसएसपी ने भी शंका जताई है कि उसका जुए की रकम किसी के पास हो और उसने अपना पैसा मांगा हो इसके कारण ही उसकी हत्या कर दी गई। राम किशोर रात के समय कोठरी का दरवाजा बंद करके सोता था। लेकिन, मंगलवार की सुबह उसकी कोठरी का दरवाजा खुला पाया गया। इससे लग रहा है कि हत्या करने वाले उसके परिचित के रहे होंगे। जिनके आने पर ही उसने दरवाजा खोला होगा। इसके बाद उसे पकड़ कर खेत में ले गए होंगे और उसकी हत्या कर शव को फेंक कर भाग निकले। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।