इटावा। फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस ने एक ठग गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक लाख अड़तीस हजार रुपये व नशीला पाउडर भी बरामद किया है। पूछताछ में उन्होंने ठगी की कई वारदात की बात स्वीकारी है।
पुलिस लाइन में पत्रकारों बातचीत में एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि 16 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर निवासी महिला अमरूद को ठग गैंग के सदस्यों ने सस्ते दामों पर सोने का सिक्का देने का झांसा देकर उनसे दस लाख रुपये की ठगी की थी।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस को मामले का पर्दाफाश करने के निर्देश दिए गए थे। एसओ नासिर हुसैन सोमवार की रात को आरोपियोें की तलाश में गश्त पर थे।
तभी मुुखबिर ने सूचना दी कि कुछ ठग इस समय फर्रुखाबाद रोड पर जेके अस्पताल के पास किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस पर एसओ नासिर हुसैन ने स्वाट टीम के अजहर अली को भी बुला लिया।
दोनों टीमों ने घेराबंदी कर ठग गैंग के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उनके पास से एक लाख अड़तीस हजार रुपये नगद व नशीला पाडडर बरामद हुआ।
पूछताछ में पकडे़ गए गैंग के सदस्यों ने अपने नाम अवधेश सिंह उर्फ पंडित, सत्यदेव सिंह, जसवंत सिंह, धीरजसिंह, देवी सिंह, सुनील सिंह निवासी गण माखनपुर थाना चौबिया, गीतम सिंह निवासी बुआपुरा थाना इकदिल बताया। एसएसपी मंजिल सैनी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।
पूछताछ में पकडे़ गए आरोपियों ने बताया कि वह लोग एक साथ लोगों से संपर्क कर उन्हें असली सोने के सिक्के दिखाकर उन्हें सस्ते दामों पर देने का झांसा देते थे। जब सामने वाला लालच में पैसे लेकर आता था तो उन्हें नकली सिक्के देकर ठग लेते थे।
वह यह काम काफी समय से कर रहे हैं। अवधेश गैंग का सरगना है। उसने बताया कि जब बाड़मेर में अमरूद सिक्के लेने आई तो उसने साथियों से मना किया कि उसके साथ ठगी न करें क्योंकि वह महिला है और ठगी का शिकार होकर पुलिस में शिकायत करेगी लेकिन साथी नहीं माने और आज सब पकड़े गए।