बीहड़ में दस्यु गैंग होने की अटकलों पर एसएसपी मंजिल सैनी ने विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि बीहड़ में कोई भी दस्यु गैंग नहीं है।
उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को थाना भरेह में विपिन कुमार जाटव निवासी गांव गढशा कासदा ने भरेह चकरनगर रोड पर चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ असलहों के बल पर मारपीट कर 11 हजार रुपये लूटने व मोटर साइकिल क्षतिग्रस्त करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही बीहड़ में दस्यु गैंग होने की अटकलों लगाई जाने लगी थीं।
मामले में छानबीन के बाद एसएसपी ने बीहड़ में दस्यु दल होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच में सामने आया कि वादी 30 जुलाई को अपनी सिंडौस गैस एजेंसी में गया ही नहीं था। न ही घटनास्थल पर उसकी मौजूदगी पाई गई।
उन्होंने बताया कि 30 जुलाई की रात साढ़े आठ बजे उसकी लोकेशन घटनास्थल के आसपास नहीं दौलतपुर औरैया में मिली है। एसएसपी के मुताबिक, विवेचना में यह भी पता चला है कि विपिन के औरैया की एक महिला से संबंध हैं। उसके बुलाने पर ही वह दिबियापुर स्टेशन पर उससे मिलने गया था। इसके बाद वह उसके गांव उसे छोड़ने गया।
जानकारी मिली है कि महिला के साथ देख उसके रिश्तेदारों ने विपिन के साथ मारपीट कर बाइक तोड़फोड़ दी थी। एसएसपी के मुताबिक, विपिन ने अवैध संबंध को छिपाने के लिए परिजनों को थाना भरेह क्षेत्र में लूट होने की फर्जी सूचना दी। इस पर पुलिस ने वादी विपिन कुमार के खिलाफ धारा 182 की कार्रवाई की है।
लूट की जगह ठगी का निकाला मामला
बकेवर (इटावा)। चाकू दिखाकर दस हजार रुपये लूटने का मामला जांच में फर्जी निकला। मामला लूट का न होकर ठगी का था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके उन्हें जेल भेज दिया है।
मंगलवार को थाना क्षेत्र के पुरावली निवासी हरेंद्र सिंह पुत्र शोभाराम ने हाइवे पर सुनवर्सा के पास एक मोटर साइकिल सवार दो लोगों पर चाकू दिखाकर दस हजार रुपये लूट लेने की सूचना कंट्रोल रूम को दी थी। इस पर थाना के कार्यवाहक एसओ इंद्रपाल सरोज मौके पर पहुंचे और छानबीन की।
कार्यवाहक थानाध्यक्ष ने बताया कि हरेंद्र के दिए प्रार्थना पत्र पर लूट के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। चेकिंग के दौरान मामले के आरोपी बाइक सवार दो युवकों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में लूट का मामला फर्जी निकला। पता चला कि मामला हाइवे पर निर्माण करा रही ओरियंटल कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ढाई हजार रुपये रिश्वत लिए जाने का था।
इस संबंध में पकड़े गए पुष्पेंद्र सविता पुत्र सुरेश सविता, मलोल पुत्र महेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उनके पास से बरामद हुई बाइक के कागजात भी नहीं मिले हैं। बाइक सीज करने के साथ दोनों को जेल भेज दिया गया है।