इटावा। जसवंतनगर कस्बा के पूर्व सभासद व भट्ठा व्यवसायी गिरीश चंद्र यादव उर्फ भोले अपहरण के बीस दिन बीत चुके हैं। पुलिस उनके बारे में कोई सुराग नहीं लगा सकी है। सुराग लगाने के लिए पुलिस ने उनके साथ काम करने वाले पार्टनरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया है। इसमें उनका पार्टनर भी शामिल है। पार्टनर के घर वालों ने एसएसपी से उसे छोड़ने की मांग की है।
पूर्व सभासद व भट्ठा व्यवसायी 27 जून को अपने भट्ठे पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे लेकिन घर पर लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने खोजबीन की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका। गिरीश के पुत्र ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बीस दिन बीतने के बाद पुलिस भोले का सुराग लगाने में सफल नहीं हो सकी। भोले की बरामदगी न होने से कस्बा के लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर थाने के सामने धरना देकर विरोध जताया था और जल्द ही बरामदगी की मांग की थी। भोले के बारे में कोई सुराग न लगने से परेशान पुलिस ने उसका सुराग लगाने के लिए उनके पार्टनरों पर शिकंजा कसाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने उनके पार्टनराें को पूछतांछ के लिए उठाया है। मकसूदपुरा निवासी श्याम प्रताप सिंह ने गुरुवार को एसएसपी को एक प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा गया है कि क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार की शाम को उसके भाई व भोले के पार्टनर उमेश को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई लेकिन उसने अभी तक उसे नहीं छोड़ा है। उसने आशंका व्यक्त की कि कहीं पुलिस उसे भाई को झूठे मामले में फंसा न दे। इस संबंध में एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। भोले का सुराग लगाने के प्रयास में लगी है।