निजी अस्पताल में पीड़ितों से घटना की जानकारी लेते पुलिस कर्मचारी
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डकैत बेखौफ होकर शहर के मोहल्ला शिवपुरी शाला में डकैती की वारदात को अंजाम देते रहे। पीड़ित महिला ने कई बार 100 नंबर डायल किया लेकिन फोन नहीं उठा। बाद में महिला ने 1090 पर कॉल की तो ऑपरेटर ने पूरी बात सुनी। उसने फिर से 100 नंबर डायल करने को कहा। सातवीं बार कॉल करने पर फोन रिसीव हुआ। महिला ने आरोप लगाया कि पहली बार 100 नंबर उठ जाता और पुलिस तुरंत मौके पर आ जाती तो बदमाशों को पकड़ा भी जा सकता था। फोन न उठने से लोगों में आक्र ोश व्याप्त है।
मोहल्ला शिवपुरी शाला मेें इंजीनियर संदीप कुमार यादव के घर सोमवार रात डकैतों ने धावा बोल दिया। पूरे परिवार के लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया। उनकी चाची सोनी को भी चोटें आई लेकिन बाद में किसी तरह उन्होंने अपने मोबाइल फोन से पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर को डायल किया। लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। उन्होंने बताया कि छह बार उन्होंने फोन लगाया लेकिन एक बार भी फोन नहीं उठा। उसके बाद उन्होंने महिला हेल्प लाइन का नंबर 1090 डायल किया तो वहां का फोन रिसीव हुआ। 1090 के ऑपरेटर ने फोन कर सूचना दी तब जाकर 100 नंबर फोन रिसीव किया गया। पुलिस कंट्रोल रूम ने इसकी सूचना फ्रेंड्स कालोनी पुलिस को दी। घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक देरी हो चुकी थी। पुलिस कंट्रोल रूम के फोन न उठाने और देर से पहुंचने पर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। घायलों को कहना है कि यदि पुलिस समय से मौके पर पहुंच जाती तो बदमाशों को पकड़ा भी जा सकता था। बदमाशों ने करीब एक घंटे तक जमकर लूटपाट की। घायल सोनी ने बताया कि चार बदमाश छत पर चढे़ थे। उसमें तीन अंडरवियर बनियान पहने थे। बदमाश बाइक से आए थे।
बच्चों ने बेड के नीचे छिपकर बचाई जान
इटावा। जिस समय बदमाश शिव कुमार, संदीप, अनीता और सोनी के साथ मारपीट कर रहे थे, उस समय घर के कमरे में संदीप की पुत्री वैष्णवी (4), तनु डेढ़ साल के अलावा शिव कुमार का 11 साल का पुत्र अमन व दस साल की पुत्री तनु लेटे थे। मारपीट के बाद होने वाली चीख पुकार सुनकर डर के कारण सभी बच्चेे बेड के नीचे घुस गए। जिससे उनकी जान बच सकी। शिव कुमार के एक अन्य भतीजे बिल्लू ने बताया कि यदि बदमाशों को बच्चों के होने की जानकारी लग जाती तो वह उनके साथ भी मारपीट कर सकते थे। वह इस समय उनके घर पर हैं। सभी इस समय दहशत में हैं।