इटावा के जिला पंचायत सदस्य रामवीर के बेटे राहुल की हत्या कर पिछले दो सालों से फरार चल रहे दस हजार रुपये के इनामी बदमाश पुष्पेंद्र निवासी भरथना को एसटीएफ की टीम ने आगरा में हुई एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया।
इटावा के कस्बा भरथना कस्बा के मोहल्ला बालूगंज (उसराहार रोड) में चार सितंबर 2013 में जिला पंचायत सदस्य इटावा, रामवीर सिंह के पुत्र राहुल की बदमाशों द्वारा गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के इस अभियोग में सात अभियुक्त वांछित थे। जिनमें से चार अभियुक्त गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं।
तीन अभियुक्त पुष्पेन्द्र पुत्र महिपाल, महिपाल पुत्र महाराज सिंह व छोटे पुत्र भूरे पिछले दो सालों से फरार चल रहे थे। इनकी तलाशी की जिम्मेदारी एसटीएफ को सौंपी गई थी। पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ सुजीत पांडेय ने एसपी एसटीएफ बबलू कुमार को इन तीनों को गिरफ्तारी करने के लिए निर्देश दिए थे।
सूचना संकलन के दौरान एसटीएफ टीम को पता चला कि एक अभियुक्त पुष्पेंद्र जिस पर दस हजार रुपये का इनाम है, कालिंदी विहार हाई-वे (एन0एच0-2), आगरा पर आने वाला है। एसटीएफ की टीम ने नेशनल हाईवे पर कालिन्दी विहार तिराहे के पास घेराबन्दी कर देर शाम करेब साढ़े छह बजे पुष्पेन्द्र को आता देख कर रोका लेकिन उसने भागने की कोशिश की।
इस पर उसे दौड़ा कर दबोच लिया गया। पूछताछ में जब उसने खुद के पुष्पेंद्र और राहुल की हत्या में लिप्त होने की बात स्वीकार की तो उसे आगरा के थाना एत्माददौला में दाखिल कराया गया। एसटीएफ उससे पूछताछ कर घटना में लिप्त दो अन्य के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है।