एसएसपी से दरोगा की शिकायत करने आए बलरई क्षेत्र के लोग।
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बलरई थाने में तैनात दरोगा के एक सीनियर सिटीजन को थाने बुलाकर उन्हें अपमिश्रित शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार करने के मामले में क्षेत्रीय लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को क्षेत्र के लोगों ने शपथपत्र के साथ एसएसपी को प्रार्थनापत्र देकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्षेत्र के गांव बाउथ निवासी यज्ञ दत्त पांडे पुत्र लक्ष्मी नारायण रविवार शाम को गांव के ही आशीष प्रधान, राम कुमार, जयवीर, रामेश्वर, रामप्रकाश व अन्य लोगों के साथ जसवंतनगर से दावत खाकर घर लौट रहे थे। रास्ते में बलरई थाने के दरोगा वीरेंद्र सिंह ने उन्हें फोन कर थाने बुलाया और कहा कि कप्तान सिंह जो अपहरण के मामले का आरोपी है। उसके बारे में बातचीत करनी है। यज्ञदत्त ने अपने साथियों को इस बारे में बताया और थाने चले गए। प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि वह थाने पहुंचकर वीरेंद्र सिंंह से मिला तो दरोगा वीरेंद्र ने कहा कि कप्तान सिंह ने 15 हजार दिए हैं। उससे दस हजार और दिलवाओ।
इस पर यज्ञदत्त ने कहा कि आप ही गांव जाकर उससे वसूल कर लो हम से क्या मतलब है। इस बात से दरोगा आगबबूला हो गए और उन्होंने गाली गलौज कर उनका मोबाइल छीन लिया। दरोगा वीरेंद्र सिंह ने साढे़ तीन लीटर अवैध शराब लगाकर उन्हें बंद कर दिया। घर न पहुंचने पर परिवारीजन उन्हें ढूंढ़ते हुए थाने आए तब उन्हें इसकी जानकारी हुई। पुलिस ने उनका चालान कर दिया। कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस द्वारा फर्जी मामले में फंसाने की जानकारी लोगों को हुई तो लोगों में आक्रोश पैदा हो गया। लोगों ने थाने का घेराव कर पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। मंगलवार को क्षेत्र के लोगों ने एसएसपी एन कोलांचि को प्रार्थनापत्र दिया और दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने व मामले को समाप्त करने की मांग की है। एसएसपी एन कांलांचि ने मामले की जांच सीओ जसवंतनगर को सौंपी है।