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छात्र के अपहरण का एक आरोपी गिरफ्तार

Sat, 20 May 2017 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
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अर्पित मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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 लवेदी थाना क्षेत्र के गांव बरौली के पास से शुक्रवार शाम पूर्व प्रधान के पुत्र का अपहरण करने वाले एक युवक को पुलिस ने रानीपुरा के पास दबोच लिया। उसे जेल भेज दिया है, जबकि चार लोग फरार हैं। शनिवार को पुलिस ने मामले का खुलासा कर बताया कि मुख्य आरोपी ने अपनी बहन का पीछा करने के कारण छात्र के अपहरण की साजिश रची थी।
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लवेदी क्षेत्र के गांव मड़ौली के पूर्व प्रधान मनोज मिश्रा का पुत्र अंबुज शुक्रवार शाम अपने भाई और भांजे के साथ दावत खाकर बाइक से लौट रहा था। सात बजे उसकी बाइक गांव बरौली के पास पहुंची तभी एक कार सवार पांच लोगों ने ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया और मारपीट की। कार सवार अंबुज का अपहरण कर भाग गए। भाई व भांजे ने इसकी सूचना घर पर दी। जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और घेराबंदी कर ली। रानीपुरा के पास अंबुज कार में बंधा मिला। पुलिस ने एक आरोपी अर्पित मिश्रा पुत्र राजीव कुमार मिश्रा निवासी लोहिया नगर बकेवर को रात में ही पकड़ लिया। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि अंबुज पड़ोस में ही रहने वाले अंशुल यादव की बहन का पीछा करता था। ये मामला पांच माह से चल रहा था। अंशुल ने अंबुज को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। उसने अंबुज को सबक सिखाने के लिए उसके अपहरण की साजिश रची। अंशुल ने ग्वालियर से अपने चार साथियों को बुलाया। स्विफ्ट कार को किराये पर लिया गया। उसी से अंबुज का अपहरण किया गया। एसएसपी ने बताया कि ये  लोग अंबुज को अपहरण कर ग्वालियर ले जाना चाहते थे। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसओ बकेवर जेपी पाल व एसओ बढ़पुरा रमाकांत दुबे ने काफी सक्रियता दिखाई। उनके प्रयास से अपहृत छात्र को दो घंटे में ही तलाश लिया गया। उन्होंने दोनों को पांच-पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। आईजी कानपुर की ओर से पुलिस टीम को 12 हजार का इनाम देने की भी जानकारी दी। इस मौके पर एएसपी क्राइम देवेश कुमार शर्मा व सीओ जसवंत नगर भी मौजूद रहे।

पुलिस को गुमराह करने को लूट की कहानी गढ़ी
इटावा। कार सवार जब छात्र को अगवा कर ले जा रहे थे, पुलिस ने उनका पीछा शुरू कर दिया। इस बीच छात्र को अगवा करने वालों ने अर्पित मिश्रा को फोन कर पुलिस को फर्जी सूचना देकर गुमराह करने के लिए कहा। अर्पित ने खुद को बंधक बनाकर स्विफ्ट कार लूट ले जाने की कहानी गढ़ी। अर्पित ने पुलिस को बताया कि बाइक सवार लुटेरों ने चकरनगर रोड पर यमुना पुल के पास उसे बंधक बनाकर झाड़ियों में फेंक दिया और कार लूट ले गए। वह किसी तरह से छूटकर आया है। पुलिस को उसकी बात पर संदेह हुआ। पुलिस का मानना था कि वह चकरनगर न जाकर बकेवर क्यों आया है। जबकि चकरनगर वहां से थोड़ी ही दूरी पर है। शक होने पर पुलिस ने जब उससे सख्ती के साथ पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। उसने बताया कि अपहरण करने वाले उसके दोस्त अंशुल ने उससे ऐसा करने के लिए कहा था। पुलिस ने अपहरण की साजिश रचने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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बीबीए का छात्र है आरोपी
इटावा। अपहरण की साजिश रचने वाला अर्पित मिश्रा ग्वालियर के एक कालेज से बीबीए कर रहा है। इसके अलावा अंबुज का अपहरण करने वाले भी ग्वालियर के बताए गए हैं। इससे ये बात स्पष्ट है कि अपहरण के मामले की उसे पूरी जानकारी थी। उसने अंबुज की पूरी रेकी की। जब वह दावत खाने गया था तो वह बराबर साथियों को उसकी लोकेशन देता रहा। जब अंबुज अपने घर के लिए निकला तो अर्पित ने उन्हें जानकारी दी। उसके बाद बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद अर्पित कुछ दूर अपने साथियों के साथ गया और फिर वापस लखना की ओर आ गया। साथियों के फोन आने के बाद अर्पित ने पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी सूचना दी।
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