अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय हुसैन अहमद अंसारी ने शुक्रवार को पुलिस पर फायरिंग करने के दोषी पंजाबी छैमार गैंग के नौ सदस्यों को तीन-तीन साल की जेल सुनाई है। सभी पर तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बने पंजाबी छैमार गैंग के नौ बदमाशों को भरथना के बाहरपुरा के पास से तीन नवंबर 2014 को पकड़ा गया था। उस समय लखनऊ एसटीएफ को सूचना मिली थी कि ये लोग बाहरपुरा के अहनैया नदी के पास डेरा जमाए हैं। इस पर तत्कालीन निरीक्षण एनआर दोहरे, क्राइम ब्रांच और भारथना पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस की भनक लगते ही बदमाशों ने फायरिंग कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गैंग के यूसुफ कालिया उर्फ राजी उर्फ यूनुस पुत्र दूल्हे अनीश पुत्र दूल्हे, मुनीश पुत्र सेनदीन, तौकीर उर्फ चेयरमैन पुत्र दूल्हे, सोनू पुत्र मुनीश, डैनी पुत्र नन्हे, फाबिन पुत्र दूल्हे, शेरखान उर्फ नाजिम पुत्र हसमत को दबोचा था। ये सभी शाहजहांपुर के जैतीपुर थाना क्षेत्र के डभौरा गांव के रहने वाले हैं। इसके अलावा बदायूं के कादर चौक निवासी साजिद उर्फ बिट्टू पुत्र हामिद को भी गिरफ्तार किया गया।
पकडे़ गए लोगों के पास से असलहा भी बरामद हुए हैं। इन लोगों के खिलाफ भरथना थाने में मामला दर्ज कराया गया। इन लोगों पर आगरा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद में भी मामले दर्ज हैं। विवेचना के बाद पुलिस ने मामला सुनवाई के लिए आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी ने की। सुनवाई के दौरान उन्होंने पक्ष विपक्ष की दलीलों को सुना। शासकीय अधिवक्ता इम्तियाज अहमद अंसारी के द्वारा पेश किए सबूतों व दलीलों को विपक्ष के वकील काट नहीं सके। न्यायाधीश ने सभी को दोषी करार देते हुए सभी को तीन-तीन साल की सजा व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।