इटावा। परिवहन विभाग व पुलिस की सरपरस्ती में अवैध खनन के गोरखधंधे का एक बड़ा खुलासा हुआ है। सटीक सूचना पर एसएसपी वैभव कृष्ण ने जिले के दो प्रमुख बैरियरों पर छापेमारी की। अवैध खनन व ओवरलोडिंग से लदे ट्रकों को रिश्वत लेकर पास कराते हुए परिवहन विभाग के कर अधिकारी, पुलिस के तीन सिपाहियों समेत 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 11 ट्रक, पांच प्राइवेट वाहनों व एक बाइक को सीज कर दिया। एसएसपी ने अवैध खनन के कारोबारियों से मिलीभगत पर थानाध्यक्ष सहसों, चौकी प्रभारी हनुमंत पुरा, एसओ बढपुरा व चौकी प्रभारी उदी को सस्पेंड कर दिया है।
एसएसपी ने बताया कि खनन के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों से वसूली कर उनके वाहनों को पास कराने की लगातार सूचना मिल रही थी। सटीक सूचना मिलने पर रविवार रात पुलिस टीम ने सहसों थाना क्षेत्र के हनुमंत पुरा चौराहे के पास छापेमारी की। मौके से एक सिपाही को ट्रकों से वसूली करते रंगेहाथ पकड़ लिया। इस दौरान अवैध खनन से लदे कई ट्रक व प्राइवेट वाहनों को सीज कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने बढ़पुरा थाने के चंबल पुल के पास परिवहन विभाग के बैरियर पर छापा मारा। ड्यूटी पर तैनात फर्रुखाबाद में परिवहन विभाग के कर अधिकारी विकास अस्थाना, सिपाही रत्नेश कुमार व बढ़पुरा थाने में तैनात दो सिपाहियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी ने बताया कि छापेमारी में दोनों स्थानों से रिश्वत के चार लाख रुपये बरामद किए। पकड़े लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। एसएसपी ने बताया कि बैरियर के चेकिंग प्वाइंट से अवैध खनन के ट्रकों को पास कराने की जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई न करने पर एसओ सहसों मनोज परमार, एसओ बढपुरा दिनेश कुमार, चौकी प्रभारी हनुमंत पुरा संजय सिंह व चौकी प्रभारी उदी को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन सिपाही ने तीन प्राइवेट कर्मचारियों को लगाया था वसूली मे
चकरनगर। इटावा के थाना सहसों की सीमा मध्य प्रदेश के भिंड जिले से मिलती है। भिंड में बहने वाली सिंधु नदी से बड़े पैमाने पर अवैध मौरंग का खनन होता है। खनन माफिया इस मौरंग को सहसों पुलिस की साठ-गांठ से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेज रहे थे। परिवहन विभाग के सिपाही ने तीन प्राइवेट कर्मचारियों को ट्रकों से वसूली के लिए लगा रखा था।
उत्तर प्रदेश में खनन पर प्रतिबंध लगे होने के कारण मौरंग के भाव पांच गुना से अधिक बढ़ गए हैं। इसका फायदा खनन माफिया पुलिस के सहयोग से उठा रहे थे। एसएसपी वैभव कृष्ण ने खनन माफियाओं के खिलाफ देर रात चाबुक चलाया। एक साथ सहसों एवं उदी बैरियर पर हुई छापेमारी ने इस रैकिट की कमर तोड़कर रख दी है।
एसएसपी को पुलिस की अवैध वसूली की खुफिया जानकारी मिल रही थी। उन्होंने स्वयं ही मामले को देखा। मौके पर अवैध वसूली करते अपने ही सिपाही को पकड़ने के बाद पूरे रैकेट को ही दबोच कर कई वाहनों समेत लाखों रुपये की नगदी भी जब्त कर ली। इस बड़ी कार्रवाई के बाद खनन माफियाओं का नेटवर्क कमजोर हो गया है।
मध्यप्रदेश की सीमा से उदी से होकर भी अवैध मौरंग का परिवहन होने की शिकायतें रहती थीं। इसको देखते हुए उदी पर बैरियर लगाया गया था। इसमें गैर जिलों के परिवहन विभाग के अधिकारी एवं स्थानीय थाना की पुलिस ड्यूटी लगती है। इनका काम अवैध खनन परिवहन तथा ओेवरलोडिंग पर लगाम कसना है।
लेकिन यहां से रात में पैसे लेकर ऐसे वाहनों को निकालने का अवैध धंधा चल रहा था। इसकी पुख्ता जानकारी मिलने पर एसएसपी ने इस बैरियर पर भी छापा मारा। जहां से फर्रुखाबाद जिले के यात्री कर अधिकारी विकास अस्थाना, परिवहन सिपाही रत्नेश कुमार, थाना बढ़पुरा एवं सहसों पुलिस के कर्मचारियों सहित 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सभी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने की कार्रवाई चल रही है। अवैध वसूली करते थाना सहसों के सिपाही संजीव, सैफई थाने में तैनात सिपाही शोभित, भरथना में तैनात लक्ष्मीकांत को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सिपाहियों को वर्तमान में उदी बैरियर पर संबद्ध किया गया था।
परिवहन सिपाही रत्नेश अपने साथ तीन प्राइवेट कर्मचारी भी रखता था। उमेश एवं रामप्रकाश निवासी नीवा करहल मैनपुरी एवं रिश्तेदार जनमेद निवासी फतेहपुर जसवंतनगर शामिल हैं। रत्नेश खुद ही नीवा का ही रहने वाला है। वह अपने गांव एवं रिश्तेदार से अवैध वसूली कराता था। पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। चकरनगर थाने के सिपाही की बाइक भी बालू माफिया पर चेकिंग के दौरान पकड़ी गई है।