इकदिल थाना क्षेत्र के एमएस पुरम में ट्रांसपोर्टर अर्जुन सिंह चंदेल के घर पड़ी डकैती का मास्टर माइंड मुदित राठी आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया।
पुलिस ने गुरुवार की शाम उसे महेरा रोड स्थित संत जीएल अस्पताल के पास से दबोचा। पुलिस ने उसके पास से लूट के 32 हजार रुपये और तमंचा भी बरामद किया है। इस मामले के दो आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं।
शहर के मोहल्ला एमएस पुरम निवासी अर्जुन सिंह चंदेल के यहां 24 मई को दिनदहाड़े तीन बदमाशों ने डकैती डाली थी। लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्हाेंने शोर मचाया। इस पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी।
गोली लगने से गोपाल किशन घायल हो गया था। पुलिस व पब्लिक ने इसके दो साथियों को उसी दिन पकड़ लिया था जबकि मुदित राठी चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी।
गुरुवार को एसओ दिनेश शर्मा, एसएसआई बिजेंद्र सिंह यादव के साथ गश्त पर थे तभी मुखबिर ने सूचना दी कि मुदित कहीं भागने की फिराक में है। वह इस समय संत जीएल अस्पताल के पास मौजूद है। इसी सूचना पर एसओ दिनेश शर्मा ने अपनी टीम के साथ घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
तलाशी में उसके पास से एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस तथा 32 हजार रुपये बरामद हुए। एसओ दिनेश शर्मा ने बताया कि मुदित राठी ही लूट का मास्टर माइंड था।
इस योजना में उसने अपने दो साथियों को शामिल कर घटना अंजाम दी थी। वह तो पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था लेकिन उसके साथी सुरेंद्र वर्मा व रोहित पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उन्होंने बताया कि मुदित तीन माह पूर्व ही टायर चोरी के मामले में मेरठ जेल से छूटकर आया था। आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया।