वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी ने मंगलवार की रात को हाईवे स्थित एक ढाबे पर छापेमारी कर तारकोल से नकली रबर बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
छापेमारी के दौरान ढाबा मालिक भाग निकला। पुलिस ने पांच वाहन भी कब्जे में लिए हैं। पुलिस का छापा पड़ते ही आसपास अफरातफरी मच गई थी। बीती रात करीब 12:15 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी ने मुखबिर की सूचना पर थाना क्षेत्र के ग्राम डुढहा के पास कृष्णा ढाबे पर छापा मारा।
उनके साथ क्षेत्राधिकारी शिव सिंह व प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह यादव और पुलिस बल था। ढाबे में अंदर तारकोल में सफेद केमिकल मिलाकर रबर बनाने का काम चल रहा था। छापा पड़ते ही बाहर खडे़ टैंकरों के चालक भागने लगे। इस दौरान चालकों को भी पुलिस ने पकड़ लिया गया। ढाबे के अंदर भट्टियां जल रही थीं।
एसएसपी ने भट्टियों को अपने सामने तुड़वा दिया। छापे में टैंकरों तथा डीसीएम में तारकोल भरा मिला। केमिकल भरी बोरियां भी पुलिस ने बरामद की। वहां खडे़ चार तारकोल भरे टैंकर और एक डीसीएम को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
इनमें सुरेश यादव पुत्र रामनाथ निवासी ग्राम केवाला थाना जसवंतनगर, जितेंद्र पुत्र बंगाली निवासी महलहु थाना गोंडा जिला अलीगढ़, उदयवीर सिंह पुत्र देवी सिंह निवासी मकरंदपुर हाईवे थाना मथुरा और राकेश पुत्र पोती राम थाना शमशाबाद मथुरा रिफाइनरी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, टैंकरों में लगभग 48 हजार लीटर तारकोल था। डीसीएम से केमिकल की 50-50 किलो की 46 बोरियां बरामद की गईं। साथ ही पांच तारकोल के खाली ड्रम भी मिले हैं।
पता चला है कि डामर भरे टैंकर मथुरा रिफाइनरी से सड़कों के निर्माण के लिए निकलते हैं और चालक ये डामर यहां औने-पौने दामों मे उतारते थे। इसमें केमिकल मिलाकर रबड़ बनाई जाती थी।
गंदगी देख कई मिठाई विक्रेताओं को नोटिस
इटावा। साफ-सफाई को नजरअंदाज कर बीमारी को बुलावा दे रहे मिठाई विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा विभाग की छापामार टीम ने ने नोटिस थमाए हैं। इन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि दोबारा गंदगी दिखी तो चालान काटकर जुर्माना वसूला जाएगा। टीम ने दो अन्य दुकानों से हल्दी, सब्जी मसाला और कोल्ड ड्रिंक्स के सैंपल भी लिए।
गर्मी के मौसम में बिन बुलाए मेहमान की तरह बीमारियां भी घर पकड़ लेती हैं। इन दिनाें बाजार में तरह-तरह के शीतल पेय बिक रहे हैं लेकिन साफ-सफाई का ख्याल नहीं रखा जा रहा।
पिछले दिनों अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर छापकर खाद्य सुरक्षा विभाग का ध्यान भी इस ओर खींचा था। जिला खाद्य सुरक्षाधिकारी नादिर अली ने गत सोमवार से छापामार अभियान शुरू करने की बात कही थी।
लेकिन दो दिन बाद बुधवार को विभाग की ओर से कार्रवाई की शुरूआत हुई। टीम ने शहर के साबितगंज मार्ग पर स्थित हबीब वारसी, संजीव कुमार जैन व दिनेश चंद्र की बूरा-बतासा एवं मिठाई की दुकानों का जायजा लिया। उनकी दुकानों में साफ सफाई न दिखने पर उन्हें नोटिस दिए गए।
इसके अलावा साबितगंज में ही अरविंद कुमार जैन की किराना दुकान से हल्दी और सब्जी मसाला के दो नमूने और सती मोहल्ला स्थित विक्रांत वर्मा के जनरल स्टोर से पेप्सी कोल्ड ड्रिंक का नमूना लिया गया। टीम में खाद्य सुरक्षाधिकारी गिरीश वर्मा व मान सिंह निरंजन आदि शामिल रहे।
श्री अली ने बताया कि मिठाई विक्रेताओं को नोटिस देकर चेतावनी दी गई है कि यदि दोबारा गंदगी मिली तो चालान काटे जाएंगे। इसके तहत तीन लाख रुपये तक जुर्माना वसूले जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा। खानपान विक्रेताओं से कहा कि फूड लाइसेंस बनवाकर ही खाद्य पदार्थ बेचें और साफ सफाई का ध्यान रखें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।