जसवंतनगर (इटावा)। थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खेड़ा बुजुर्ग में ग्रामीण की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसका शव तीन दिन से पूर्व प्रधान के मकान के कमरे में पड़ा था। बदबू आने पर लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। ग्रामीण को हत्या के प्रयास के मामले मामले में 10 वर्ष की सजा हुई थी, वह हाईकोर्ट से जमानत पर था। पुलिस अवैध संबंध में हत्या का शक जता रही है।
खेड़ा बुजुर्ग गांव में रहने वाला निराकार (45) पुत्र राधाकिशन दुबे छह साल से पूर्व प्रधान ठाकुर चंद्र के घर पर अकेले रहकर खेतीबाड़ी की देखभाल करता था। उसकी ज्यादातर गांव के लोगों से उसकी आदतों के चलते लड़ाई रहती थी। 24 फरवरी को उसे गांव में अंतिम बार देखा गया। बुधवार को पड़ोसी रामबाबू जाटव जब छत पर गया तो उसे बदबू लगी। उसने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी। बाद में इसकी सूचना थाना पुलिस को मिली। प्रभारी थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह तालान घटनास्थल पर पहुंचे। छत के जरिये नीचे उतरकर देखा तो निराकार दुबे का शव रजाई से ढका हुआ था। उसकी गर्दन कटी हुई तथा सिर पर भी चोट के निशान थे। फोरेंसिक लैब की टीम घटनास्थल पर पहुंची सबूत जुटाए। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि निराकार दुबे लड़ाकू किस्म का था। गांव में एक महिला के पास रहता था। वहीं, खाता-पीना था। इन बातों के चलते उसकी पत्नी तथा उसके बच्चे आगरा में मकान बनाकर अलग रहते है।
निराकार के पुत्र हर्ष ने बताया कि 22 फरवरी को उनकी फोन से बात हुई थी। इसमें उसने राजीखुशी होना बताया था। उसका अपना घर छोड़कर महिला के यहां रहना उसके रिश्तेदारों को रास नहीं आ रहा था। आशंका है कि उन्हीं लोगों ने निराकार दुबे को मारने की योजना बनाई हो। निराकार शराब का भी आदी था। घटनास्थल पर चार पाउच देसी शराब भी मिली है। उसने बताया कि हत्या के प्रयास के मामले में कोर्ट ने निराकार को दस साल की सजा सुनाई थी। होईकोर्ट से उसे जमानत मिली थी। क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर उत्तम चन्द्र ने बताया कि मामला अवैध संबंध का लग रहा है। इसकी जांच की जा रही है। निराकार दुबेे के दो लड़के तथा एक लड़की तथा पत्नी है। निराकार के गलत आदतों के वे उससे अलग आगरा में रहते हैं।