ईश्वरीपुरा गांव में मातादीन राजपूत के खेत में मिली जैन धर्म की खंडित मूर्तियां
- फोटो : अमर उजाला
इकदिल, इटावा। इकदिल क्षेत्र के ग्राम ईश्वरीपुरा में मातादीन राजपूत के खेत में खुदाई में सैकड़ों साल पुरानी जैन धर्म की खंडित मूर्तियां मिली हैं। जिनकी छोटी बड़ी मिलाकर संख्या लगभग 400 से 500 तक होगी। मूर्तियां मिलने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। खेत में गांव वालों का मजमा लग गया। जैन धर्म के लोग के भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मूर्तियों को सैकड़ों साल पुराना बताया।
गांव निवसी बृजेश कुमार मातादीन राजपूत के खेत में ट्रैक्टर से जुताई कर रहे थे। इस दौरान उन्हें कुछ मूर्तियां खेत में दिखीं। मूर्तियां निकलने की खबर से आसपास के गांव के लोगों का आना शुरू हो गया। गांव वालों की मदद से खेत की खुदाई की गई तो एक के बाद एक जैन धर्म की खंडित मुर्तियां निकलीं। अनुमान है कि खेत में अभी और मूर्तियां हो सकती हैं। यह तो और खुदाई से ही पता चल सकेगा। जैन धर्म के लोगों ने पहुंचकर मूर्तियों को देखा।
उन्होंने बताया कि मूर्तियां सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं जो सफेद पत्थर काला पत्थर व लाल पत्थर की हैं। देखने वालों का कहना है कि जैन धर्म के अलावा भगवान बुद्ध की प्रतिमाएं भी हैं। कुछ मूर्तियों पर लिखावट भी है जिससे अनुमान है कि मूर्तियां सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व खेत दो मूर्तियां निकली थीं। जिन्हें पेड़ के पास ही रख दिया गया था। उसके बाद दोबारा इतनी बड़ी संख्या में मूर्तियां मिली हैं। चर्चा है कि खजाना होने के अंदेशे से कई दिन पहले रात में किसी तांत्रिक ने उक्त स्थान पर खुदाई की है क्यों कि लोगों ने पूजा का सामान नारियल आदि पड़ा देखा था।