एसएसपी संतोष मिश्रा के साथ गिरफ्तार बदमाश।
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जवाबी फायरिंग के दौरान बुधवार शाम को चौबिया पुलिस ने चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया। उनके पास से चार अवैध बंदूक व राइफलें बरामद हुईं। चारों बदमाश अवैध असलहों की तस्करी का काम करते थे। मुठभेड़ में मिली बंदूक व राइफल हाथ से बनी थी। पूछताछ में बदमाशों ने हाथ से बने असलहों को बेचने की बात कबूल की। उन्होंने गैंग में शामिल कुछ और लोगों के नाम की जानकारी हासिल की। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
गुरुवार को पुलिस लाइन में प्रेसवर्ता के दौरान एसएसपी संतोष मिश्रा ने बताया पकडे़ गए बदमाश शातिर किस्म के अपराधी हैं। गैंग बनाकर हथियारों की खरीद फरोख्त किया करते थे। उनके पास से एक 303 बोर की राइफल, एक फैक्टरी मेड 12 बोर बंदूक, एक 315 बोर देशी राइफल, 18 कारतूस, 3 खोखा कारतूस, 3 खोखा कारतूस, तीन मोबाइल फोन तथा एक कार बरामद हुई है। पकड़े गए बदमाशों में भूरे उर्फ देवेंद्र पुत्र शिववीर सिंह निवासी नगला बत्ती थाना किशनी जनपद मैनपुरी मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया था।
अन्य बदमाशों की पहचान सुधीर उर्फ भूरे पुत्र नेत्रपाल सिंह व वीपी उर्फ नीरेश पुत्र वीरपाल निवासी नगला कल्हार थाना चौबिया जनपद इटावा तथा अमन कुमार उर्फ पप्पू पुत्र लोचन सिंह निवासी व चतुरीपुरा थाना किशनी जनपद मैनपुरी के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें तीन मुकदमे थाना किशनी जनपद मैनपुरी में तथा शेष चार थाना चौबिया जनपद इटावा में दर्ज हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुुठभेड़ के दौरान क्राइम ब्रांच टीम में निरीक्षक देवेश कुमार शुक्ला, अंजन कुमार सिंह, उप निरीक्षक सत्येंद्र सिंह मय हमराय तथा थाना चौबिया के थानाध्यक्ष सतीश चंद्र यादव टीम के साथ एडीजी ने पुलिस टीम के इस सराहनीय कार्य पर उसे 30 हजार रुपये देने का एलान किया है। एसएसपी ने बताया कि इनका इंटर जोन कानपुर-आगरा है। इनसे इनके बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी ली जाएगी। होली और चुनाव को देखते हुए अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और एक के बाद एक खुलासे होंगे।