एक्सप्रेसवे पर बाइक के थैले में जलती आग।
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सैफई थाना क्षेत्र में सोमवार को एक्सप्रेसवे पर आग से धधकती बाइक करीब चार किलोमीटर तक तेज रफ्तार से दौड़ती रही। बाइक सवारों को आग लगने का एहसास तक नहीं हुआ। नजर पड़ने पर यूपी-100 पुलिस ने पीछा कर बाइक रुकवाकर आग पर काबू किया। अगर थोड़ी देर और हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मैनपुरी जिले के बरनाहल थाना क्षेत्र के बरनाहल निवासी स्वतंत्र कुमार शाक्य पुत्र बीर बहादुर अपाचे बाइक से कन्नौज जा रहा था। उसके साथ भाभी आरती पत्नी विजय सिंह और भतीजी शिवानी (5) भी थी। कपड़ों से भरा बैग दाहिनी तरफ साइलेंसर के ऊपर बांध रखा था। रास्ते में किसी तरह बैग में आग लग गई। इससे कपड़े जलने लगे। बाइक चला रहे स्वतंत्र और आरती को आग लगने का एहसास नहीं हो पाया।
सैफई थाना क्षेत्र में ड्यूटी कर रही यूपी 100 टीम के कमांडर ओम सिंह की नजर बाइक में लगी आग पर पड़ी। उन्होंने बाइक सवार को रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक तेजी से आगे निकल गई। पुलिस ने हूटर बचाते हुए बाइक का पीछा किया। चार किलोमीटर 140 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से कार दौड़ाकर पुलिसकर्मी बाइक तक पहुंचे। स्वतंत्र को इशारा कर बाइक रुकवाई। बाइक रुकते ही स्वतंत्र और आरती हक्के-बक्के हो गए। पुलिस ने दोनों को बाइक से दूर हटाकर आग पर काबू किया। ओम सिंह ने बताया कि आग से केवल बैग में रखे कपड़े ही जले थे, बाइक को कोई नुकसान नहीं हुआ। हां कुछ देर और हो जाती तो बाइक में भी आग लग सकती थी। बड़ा हादसा भी हो सकता था। जानकारी होने पर एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा ने यूपी 100 की टीम को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
बाइक में बैक मिरर नहीं था। बाइक चला रहा स्वतंत्र कुमार शाक्य हेलमेट लगाए था। इस कारण से उसे पुलिस गाड़ी के हूटर और पुलिसकर्मियों की आवाज सुनाई नहीं दी। अगर बैक मिरर होता तो पीछे चल रही पुलिस वैन और पुलिस कर्मियों की हलचल स्वतंत्र को दिख जाती। इससे वह पहले ही बाइक रोक देता।