अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्ठम कमलेश कुमार ने हत्या के दोषी चाचा-भतीजे समेत पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। 2013 के इस मामले में सात लोगों के खिलाफ चार्टशीट दाखिल की गई थी। एक की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी किशोर है। उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
तीन मई 2013 को चौबिया थाना क्षेत्र के गांव मढ़ा में रहने वाले बृजेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह सात बजे वह अपने पिता राम रतन, ताऊ नेम सिंह, चचेरे भाई गंभीर सिंह के साथ घर के सामने चबूतरे पर बैठे थे। तभी गांव नगला सिंह निवासी केशव दयाल भागते व चिल्लाते हुए आ रहे थे। नगला सिंह गांव के मौजे मनगांव निवासी धारम सिंह, उसका भाई अनार सिंह, बेटा सतेंद्र सिंह, रिश्तेदार राजेंद्र सिंह, राजेश कुमार, बलराम सिंह उर्फ बल्लू और एक किशोर असलहे से फायर करते आ रहे थे। केशव दयाल को बचाने के लिए राम रतन सामने आ गए। इस पर इन लोगों ने असलहों की बटों से उसकी पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई। बाद में इन लोगों ने केशव दयाल को गोली मारी जिससे वह घायल हो गए। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्ठम कमलेश कुमार ने की। सुनवाई के दौरान एक आरोपी धारम सिंह की मौत हो गई, जबकि किशोर का मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलेश कुमार ने चाचा अनार सिंह , भतीजे सतेंद्र सिंह, बलराम सिंह उर्फ बल्लू, राजेश कुमार व राजेंद्र सिंह को दोषी करार देते हुए अजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।