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फायरिंग कर पुलिस अभिरक्षा से साथी को छुड़ा ले गए बदमाश

Fri, 26 Jun 2015 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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पेशी के बाद प्राइवेट बस से इटावा लौट रहे गैंगस्टर दिलीप यादव को उसके साथी ताबड़तोड़ फायरिंग कर पुलिस अभिरक्षा से छुड़ा ले गए। तीन बाइक पर सवार होकर पहुंचे छह बदमाशों ने बाइक आगे लगाकर बस रोक ली। फायरिंग कर यात्रियों में दहशत फैला दी और दिलीप को छुड़ा ले गए।
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मैनपुरी ब्यूरो के अनुसार, दिलीप के साथ मौजूद दो पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। प्रभारी एसपी स्वामीनाथ ने बताया कि बंदी और उसे लेकर फरार होने वाले बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस की चार टीम लगाई गई हैं।

घटना शुक्रवार अपराह्न करीब 3:20 बजे इटावा रोड स्थित रतिभानपुर रजबहा की पुलिया के पास हुई। फरार बंदी जसवंतनगर (इटावा) निवासी दिलीप यादव के खिलाफ मैनपुरी के अलावा फीरोजाबाद और इटावा में लूट, हत्या, वाहन चोरी के करीब 11 मुकदमे दर्ज हैं।
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फीरोजाबाद जेल में बंद दिलीप को 28 नवंबर 2013 को इटावा जेल स्थानांतरित किया गया था। इससे पहले उसे 2009 में थाना घिरोर पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। उसे गैंगस्टर एक्ट में भी निरुद्ध किया था। शुक्रवार को इसी मामले में उसकी गैंगस्टर कोर्ट एडीजे पंचम के न्यायालय में पेशी थी।

इटावा पुलिस लाइन के पुलिस कर्मी मुरलीधर और कपिलदेव उसे इटावा जेल से पेशी के लिए लाए। पेशी कराने के बाद प्राइवेट बस से लौट रहे थे। तभी रास्ते में यह घटनना होगई।

पहले भी पुलिस अभिरक्षा से फरार  हो चुका है दिलीप
इटावा। पेशी से लौटते समय पुलिस अभिरक्षा से भागा दिलीप यादव एक शातिर किस्म का अपराधी है। वह पहले भी पुलिस  अभिरक्षा से फरार हो  चुका है। दिलीप के खिलाफ अपहरण, लूट, हत्या, गैंगस्टर, हत्या के प्रयास के सात मामले सिविल लाइन थाने में दर्ज  हैं।

इसके अलावा उसके खिलाफ फिरोजाबाद, इकदिल में भी मामले दर्ज  हैं। गांव पिलखर में हुई एक परिवार के छह लोगों की हत्या में भी दिलीप का नाम आया था। एसओ सिविल लाइन विनोद यादव ने बताया कि दिलीप शातिर किस्म का अपराधी है। उसके खिलाफ और कितने मामले हैं इसकी जानकारी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2004 में भी पुलिस अभिरक्षा  से फरार हो चुका है। जेलर  पवन त्रिवेदी ने बताया कि दिलीप के खिलाफ 11 मामले विचाराधीन हैं। दिलीप यादव को फिरोजाबाद जेल से प्रशासनिक आधार पर 28 नवंबर 2013 को इटावा लाया गया था। तभी से वह इटावा जेल में बंद है।

शुक्रवार को एडीजे पंचम  मैनपुरी की अदालत में उसकी पेशी थी। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही मुरलीधर यादव ने उसे जेल से  रिसीव किया था।

मामले में दोनों सिपाही सस्पेंड
इटावा। पुलिस अभिरक्षा से बंदी फरार होने की घटना के बाद दोनों सिपाहियाें को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बंदी दिलीप यादव निवासी सराय ऐसर थाना सिविल लाइन की मैनपुरी एडीजे पंचम कोर्ट में गैंगस्टर के मामले में  पेशी थी।

सिविल लाइन के सिपाही मुरलीधर यादव तथा कपिल देव की दिलीप को पेशी पर ले जाने के लिए ड्यूटी लगाई गई थी। वहां से दिलीप फरार हो गया। इस लापरवाही पर एसएसपी मंजिल सैनी ने दोनों सिपाहियों पर रिपोर्ट दर्ज कर उनको निलंबित कर दिया है।
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