सामान को देखते एसडीएम सिद्धार्थ एवं सीओ एके चतुर्वेदी
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इटावा। फ्रेंड्स कालोनी थाना पुलिस ने शनिवार को विवेक विहार में छापामारी कर नकली डीजल बनाने का कारखाना पकड़ लिया। यहां से चार लोगों को गिरफ्तार कर दो ड्रम नकली डीजल, एक लाख रुपया व अन्य सामान बरामद हुआ। ये लोग मिट्टी के तेल में ब्लीचिंग पाउडर व अन्य केमिकल मिलाकर डीजल बनाते थे। यह नकली डीजल मोबाइल टावरों में लगे जनरेटर के लिए सप्लाई होता था। फ्रेंड्स कालोनी थाने के मोहल्ला विवेक विहार कालोनी में सुमित यादव के प्लाट पर यह गोरखधंधा चल रहा था। इसकी सूचना पर थानाध्यक्ष भोलू सिंह भाटी ने टीम के साथ छापामारी की। बाउंड्रीवाल से घिरे प्लाट के अंदर नौ ड्रम मिट्टी का तेल, दो ड्रम तैयार किया गया नकली डीजल, 15 खाली ड्रम मिले। एक टिल्लू पंप, प्लास्टिक का पाइप, ब्लीचिंग पाउडर, लोडर भी मिला। पुलिस ने मौके पर ही थाना क्षेत्र के नगला प्राण के मूल निवासी प्लाट मालिक सुमित यादव के साथ ही चौबिया थाना क्षेत्र के कुसैली गांव निवासी अमित व इसी गांव के सुखवीर यादव, कोतवाली क्षेत्र के मेवाती टोला निवासी शफीक को गिरफ्तार कर लिया।
सुमित के पास एक लाख रुपया बरामद हुआ। थोड़ी ही देर में एसडीएम सदर सिद्धार्थ, सीओ सिटी एके चतुर्वेदी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया। उन्होंने भी पकड़े गए लोगों से पूछताछ की। पता किया जा रहा है कि मिट्टी का तेल किन-किन लोगों से खरीदा गया। थानाध्यक्ष के मुताबिक पकड़े गए लोगों ने बताया कि वे कोटेदारों से मिट्टी का तेल खरीदते थे। इसमें ब्लीचिंग पाउडर, मोबिल आयल मिलाकर टुल्लू पंप के जरिए दूसरे ड्रम में भरते थे। तेज गति से पंप चलने से सब मिल जाता था और मिट्टी के तेल का रंग भी बदल जाता था। इसके बाद उसे मोबाइल टावरों के जनरेटर के लिए सप्लाई किया जाता था। इस गोरखधंधे का सरगना सु्मित यादव एक मोबाइल कंपनी के टावर का सुपरवाइजर है, इसलिए वह अन्य सुपरवाइजरों व टावरों के जनरेटर संचालकों से साठगांठ कर नकली डीजल की सप्लाई कराता था। पुलिस का कहना है कि इस धंधे में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द दबोचा जाएगा। पुलिस के मुताबिक सुमित ने पूछताछ में बताया कि मिट्टी का तेल 35 रुपये लीटर खरीदता था। उसमें केमिकल मिलाकर नकली डीजल बनाने के बाद उसे 64 रुपये के हिसाब से सप्लाई करता था। इसमें बाकायदे टावरों के सुपरवाइजरों का भी कमीशन होता था।